Ranchi JPSC Protest: झारखंड की राजधानी रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में आंदोलन कर रहे छात्रों से बातचीत के लिए सोरेन सरकार ने पहल की है। इसको लेकर राज्य सरकार के प्रस्ताव को लेकर एसडीओ और एडीएम लॉ एंड ऑर्डर जयपाल सिंह स्टेडियम पहुंच गए हैं।
इससे पहले सीएम हेमंत सोरेन ने भी मीडिया से बात करते हुए कहा कि युवा साथियों की चिंताएं हमारे लिए अत्यंत गंभीर विषय हैं। पेपर लीक का मामला केवल झारखंड का नहीं, बल्कि देश के अनेक राज्यों के युवाओं के सामने ये एक बड़ी राष्ट्रीय समस्या का रूप ले चुकी है।
सीएम सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार इसको लेकर पूरी गंभीरता के साथ काम कर रही है। संबंधित एजेंसियां दिन-रात जांच कर रही हैं और दोषियों को जेल भी भेजा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल जांच करना नहीं, बल्कि युवाओं को पुख्ता समाधान देना है।
छात्रों के आंदोलन को लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि कई लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और जांच एजेंसियां कई जगहों पर छापेमारी कर रही हैं। उन्होंने बता या कि कुल मिलाकर एजेंसियां इस मामले पर लगन और प्रभावी ढंग से काम कर रही हैं।
CM सोरेन ने कहा कि मेरा मानना है कि हम ठोस समाधान की ओर आगे बढ़ेंगे और मैंने अभी गृह मंत्री से बात नहीं की है, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो मैं उनसे इस मुद्दे पर चर्चा करूंगा। उन्होंने कहा कि सरकार के दरवाजे सबके लिए खुले हैं। जिस किसी की भी मांगें हैं, वो आकर अपनी बात रख सकता है। सीएम सोरेन ने कहा कि हम मुद्दों से कुछ हद तक पहले से अवगत हैं और अगर वे अपने विचार रखेंगे तो सरकार उन पर गंभीरता से विचार करेगी।
बता दें कि दो जुलाई को झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) 14वीं की प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम आए। कुल 2,204 अभ्यर्थियों ने मेंस यानी मुख्य परीक्षा के लिए क्वालीफाई किया और मुख्य परीक्षा की तारीख 18 से 20 जुलाई तय की गई थी। लेकिन रिजल्ट आते ही सवालों का सिलसिला शुरू हो गया और कैटेगरी-वाइज कट ऑफ जारी नहीं की गई। इसी बीच एक अभ्यर्थी की कथित ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन (OMR) शीट सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसमें कथित तौर पर उसने केवल 48 सवाल भरे थे, फिर भी उसका चयन मुख्य परीक्षा के लिए हो गया था।
साथ ही जो परिणाम जारी किए गए, उस पर जेपीएससी के अध्यक्ष, सचिव या सदस्यों के हस्ताक्षर तक नहीं थे। जो कि नियमानुसार होने चाहिए थे। विवाद के बाद मुख्य परीक्षा को कैंसल कर दिया गया और अब इन कथित गड़बड़ियों को लेकर राज्य के स्टूडेंट्स आंदोलन कर रहे हैं।