JPSC-JSSC Student Protest: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर जारी छात्र आंदोलन अपने 17वें दिन सोमवार को निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। रविवार को राज्य सरकार के साथ तीसरे दौर की वार्ता बेनतीजा रहने के बाद राज्य के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में पहुंचे छात्र झारखंड विधानसभा का घेराव करने के लिए रांची की सड़कों पर उतर आए हैं।
झारखंड में आज राज्य विधानसभा तक मार्च करने के आह्वान के बाद, रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से छात्र नेता और अन्य प्रदर्शनकारी रवाना हुए। सुबह 10 बजे से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होने वाले इस विशाल मार्च को लेकर पूरे शहर का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। राज्यभर से बसों, ट्रेनों और निजी वाहनों के जरिए हजारों परीक्षार्थी रविवार सुबह से ही रांची पहुंचने लगे थे।
छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा, "हम सभी पुरानी विधानसभा के पास इकट्ठा हो रहे हैं। हम वहां से बहुत शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से अपना मार्च शुरू करेंगे। मैं सभी छात्रों से अपील करता हूं कि वे इसे बहुत शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से करें। मैं झारखंड की आम जनता से भी अपील करता हूं कि वे हमें अपना नैतिक समर्थन दें। मैं मुख्यमंत्री से भी अपील करता हूं कि वे हमारी मांगों को पूरा करें, हमारी सभी मांगें जायज हैं।"
सैकड़ों छात्रों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम, अटल स्मृति वेंडर मार्केट और आसपास के परिसरों के बरामदों में खुले आसमान के नीचे रात गुजारी थी। सोमवार भोर होते ही बिरसा चौक और आसपास के इलाकों में तिरंगा और विरोध की तख्तियां लिए युवाओं का हुजूम जमा हो गया है और 10 बजे विधानभवन की ओर निकल पड़ा।
आंदोलित छात्र जेपीएससी-जेएसएससी की सभी विवादित परीक्षाओं को रद्द करने और इनकी सीबीआई से जांच की मांग पर अड़े हुए हैं। विधानसभा घेराव को देखते हुए राजधानी में अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था की गई है। विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। अरगोड़ा से लेकर विधानसभा मार्ग तक करीब 12 प्रमुख स्थानों पर भारी बैरिकेडिंग की गई है, जिनमें कई जगहों पर लोहे के तीखे कंटीले तार लपेटे गए हैं।
रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों को लेकर बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
वार्ता की विफलता के बाद उभरे इस गतिरोध के बीच, रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने अभ्यर्थियों से शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। क्षेत्र में करीब 2,000 अतिरिक्त पुलिस बल, रैपिड एक्शन फोर्स, दंगा नियंत्रण वाहन और वाटर कैनन को तैनात किया गया है। वहीं सरकार ने पुलिस प्रशासन को अनावश्यक बल प्रयोग न करने और संयम बरतने की हिदायत दी है, फिर भी जमशेदपुर और हजारीबाग सहित अन्य पड़ोसी जिलों के संवेदनशील इलाकों में भी निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।
इधर, बैरिकेडिंग पर लगाए गए कंटीले तारों को लेकर राजनीति भी गरमा गई है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता चंपई सोरेन ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह कोई भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमा नहीं है जहां कंटीले तार बिछाए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अपने हक की मांग कर रहे युवाओं पर इस तरह की बाड़ लगाना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है और यदि इसमें कोई अभ्यर्थी घायल होता है, तो उसकी सीधी जवाबदेही राज्य सरकार की होगी। फिलहाल, 17 दिनों से उबल रहा छात्र असंतोष अब राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है।