BJP and JPSC JSSC Student Protest: झारखंड के रांची में सोमवार को छात्रों के प्रदर्शन का आज 17वां दिन है। छात्रों के सब्र का बांध टूटने के बाद झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा में गड़बड़ी मामले को लेकर आज हजारों छात्रों राजभवन घेरने के लिए निकल चुके है। इस बीच दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने सीएम हेमंत सोरेन के आवास के बाहर धरना प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।
पूर्व CM बाबूलाल मरांडी और BJP नेता आदित्य साहू ने परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास के बाहर पार्टी कार्यकर्ताओं के धरने का नेतृत्व किया। झारखंड में चल रहा यह बवाल हूबहू जंतर-मंतर की याद दिला रहा है। छात्र धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे है और शहर में तैनात 200 पुलिसकर्मी, आरएएफ के जवान उन्हें रोकने के लिए तैयार बैठे है।
बाबूलाल मरांडी ने कहा, "पिछले 14-15 दिनों से ये छात्र स्टेडियम में बैठकर भूख हड़ताल कर रहे हैं, लेकिन सरकार मामले को टाल रही है।" प्रदर्शन के बढ़ते ही पुलिस ने एक्शन लिया।
परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर CM आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे BJP नेताओं, जिनमें आदित्य साहू और बाबूलाल मरांडी शामिल हैं, दोनों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बाबूलाल मरांडी को हिरासत में लिए जाने के बाद उन्होंने कहा कि छात्र अपना विरोध जारी रखे हुए हैं लेकिन सरकार लोगों का ध्यान भटका रही है। JPSC-JSSC-CGL इन सभी मामलों की CBI से जांच होनी चाहिए।
वहीं दूसरी ओर रांची में JPSC-JSSC परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र रांची विधानसभा की ओर मार्च कर रहे हैं। मार्च के दौरान छात्रों को पुलिस बैरिकेड्स का सामना करना पड़ा और विधानसभा की ओर बढ़ते हुए उन्होंने पहला बैरिकेड तोड़ दिया।
इस बीच रांची में राज्य विधानसभा के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पुलिस और छात्रों के बीच आमना-सामना हुआ है, जिसमें सुरक्षाकर्मी पुराने विधानसभा भवन के पास प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं।
एक छात्र प्रदर्शनकारी ने कहा, कि "सरकार ने विधानसभा की ओर हमारे मार्च को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए हैं। लेकिन हम छात्र, धैर्य और सद्भावना के साथ उम्मीद करते हैं कि बैरिकेड्स हटा दिए जाएंगे और हम शांतिपूर्वक सरकार तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश करेंगे। हमें उम्मीद है कि सरकार हमारी बात सुनेगी। झारखंड JPSC और झारखंड CGL परीक्षाओं के साथ जो कुछ भी हो रहा है, उसे तुरंत रोका जाना चाहिए और मामले को CBI को सौंपा जाना चाहिए।"
आंदोलित छात्र JPSC-JSSC की सभी विवादित परीक्षाओं को रद्द करने और इनकी सीबीआई से जांच की मांग पर अड़े हुए हैं। विधानसभा घेराव को देखते हुए राजधानी में अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था की गई है। विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। अरगोड़ा से लेकर विधानसभा मार्ग तक करीब 12 प्रमुख स्थानों पर भारी बैरिकेडिंग की गई है, जिनमें कई जगहों पर लोहे के तीखे कंटीले तार लपेटे गए हैं।