Himanta Biswa Sarma Support: झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता, भ्रष्टाचार और पेपर लीक के मुद्दों को लेकर रांची में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा अनिश्चितकालीन सत्याग्रह मंगलवार को 11वें दिन भी जारी रहा। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले तीन दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं। इस बीच आंदोलनकारी छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो 6 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
आंदोलनकारी मुख्य रूप से 14वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने, जेपीएससी, जेएसएससी-सीजीएल समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की सीबीआई और ईडी से जांच कराने, ओएमआर शीट, मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं और श्रेणीवार कटऑफ सार्वजनिक करने तथा विवादित परीक्षा एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने के साथ भर्ती आयोगों में व्यापक सुधार की मांगें कर रहे हैं।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने रांची में प्रदर्शन पर छात्रों का समर्थन किया। अपने एक्स हैंडल पर उन्होंने पोस्ट में कहा कि झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान मुझे JSSC-CGL अभ्यर्थियों की पीड़ा, आक्रोश और भर्ती प्रक्रिया को लेकर उनकी चिंता को करीब से देखने का मौका मिला था। आज जो छात्र अपने भविष्य और न्याय की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, उनकी भावनाओं को मैं भली-भांति समझ सकता हूं।
हिमंता ने कहा कि यदि झामुमो-कांग्रेस-राजद झारखंड सरकार समय रहते छात्रों की शिकायतों पर संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ कार्रवाई करती, तो स्थिति यहां तक नहीं पहुंचती। दुर्भाग्य से अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोप लगातार बढ़ते गए और आज लाखों युवाओं का भविष्य संकट में है।
उन्होंने कहा कि मैं झारखंड के छात्र-युवाओं के इस न्यायपूर्ण आंदोलन के प्रति अपना नैतिक समर्थन व्यक्त करता हूं और राज्य सरकार से आग्रह करता हूं कि छात्रों की जायज मांगों को अविलंब स्वीकार कर उनके साथ न्याय करे। युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं हो सकता।