Jharkhand Education Ministers Death: झारखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के सीनियर नेता सुदिव्य कुमार सोनू का शनिवार देर रात अचानक निधन राज्य की राजनीति में एक दुखद और असामान्य घटना है। तीन साल में तीन मंत्री और तीनों शिक्षा विभाग से जुड़े मंत्रियों का निधन।
पिछले साढ़े तीन सालों में, झारखंड सरकार के शिक्षा विभाग से जुड़े तीन मंत्रियों जगन्नाथ महतो, रामदास सोरेन और सुदिव्य कुमार सोनू तीनों का निधन हो चुका है। इस खबर से पूरा देश अवगत है कि पिछले दिनों झारखंड में जेपीएससी-जेएसएसी पेपर में गड़बड़ी को लेकर कितना बड़ा प्रदर्शन किया गया था। ऐसे में मंत्रियों की मौत को संयोग कहना थोड़ा मुश्किल होता है।
सुदिव्य कुमार सोनू का निधन शनिवार देर रात गिरिडीह में हुआ। परिवार के सूत्रों के मुताबिक, वह गिरिडीह के हरसिंगरायडीह स्थित अपने घर पर सोने की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद परिवार वाले उन्हें गिरिडीह के मर्सी हॉस्पिटल ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। खबरों के अनुसार, उन्हें दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ा था।
सुदिव्य कुमार सोनू राज्य के उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री थे। उनके पास पर्यटन, कला-संस्कृति, खेल और युवा मामले, और शहरी विकास और आवास विभाग की भी जिम्मेदारी थी।
इससे पहले, हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार में शिक्षा मंत्री रहे जगन्नाथ महतो का 6 अप्रैल 2023 को चेन्नई में इलाज के दौरान निधन हो गया था। कोविड-19 संक्रमण के बाद उनके फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचा था और उनका लंग ट्रांसप्लांट (फेफड़े का प्रत्यारोपण) हुआ था। वह डुमरी विधानसभा क्षेत्र से लगातार चार बार विधायक रहे थे और JMM के प्रमुख नेता थे।
जब 2024 में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में JMM सरकार दूसरी बार सत्ता में आई, तो शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी रामदास सोरेन को सौंपी गई। JMM के सीनियर नेता और घाटशिला से विधायक रामदास सोरेन का 15 अगस्त 2025 को निधन हो गया।
रामदास सोरेन 2 अगस्त 2025 को अपने घोड़ाबांधा स्थित पैतृक आवास में बाथरूम में गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। प्रारंभिक जांच में पता चला कि उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ था। घटना के तुरंत बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस के जरिए जमशेदपुर से दिल्ली के अपोलो अस्पताल ले जाया गया था। वहां 13 दिनों तक उनकी हालत गंभीर बनी रही और चिकित्सकों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
इस तरह, लगभग तीन साल और पांच महीने के अंतराल में अप्रैल 2023 से सितंबर 2026 के बीच झारखंड सरकार के शिक्षा विभाग से जुड़े तीन मंत्रियों (जगन्नाथ महतो, रामदास सोरेन और सुदिव्य कुमार सोनू) का निधन हो गया।
ये तीनों नेता झारखंड मुक्ति मोर्चा से जुड़े थे और राज्य की राजनीति में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। जगन्नाथ महतो और रामदास सोरेन स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग से जुड़े थे, जबकि सुदिव्य कुमार सोनू उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग संभाल रहे थे। सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से न केवल JMM को, बल्कि झारखंड सरकार को भी बड़ा झटका लगा है।
उन्हें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का करीबी सहयोगी माना जाता था और वे सरकार की नीतियों तथा अपने विभागों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से रखते थे। हाल ही में हुए छात्र आंदोलन के दौरान भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। शिक्षा मंत्रियों के लगातार निधन का यह संयोग लंबे समय तक झारखंड की राजनीति में चर्चा का विषय बना रहेगा।