Minister Sudivya Kumar Sonu Death: झारखंड में JMM के वरिष्ठ नेता और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, शहरी विकास और खेल मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का शनिवार देर रात निधन हो गया। झारखंड सरकार में मंत्री सुदिव्य सोनू के निधन पर सत्तारूढ़ झामुमो और कांग्रेस के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।
कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने सुदिव्य सोनू, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए संकटमोचक के रूप में थे। उन्होंने कहा कि वे एक राजनीतिक सूझबूझ रखने वाले व्यक्ति थे और झारखंड का एक बड़ा चेहरा थे। उनके जाने से झारखंड की बड़ी क्षति हुई है।
मंत्री सुदिव्य सोनू के निधन पर कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने कहा, "यह बहुत दुखद खबर है। सुबह-सुबह यह सुनने को मिला है। इससे अधिक दुखद खबर कोई और नहीं हो सकती। वह मेरे बहुत करीबी सहयोगी थे। जब भी गठबंधन को लेकर बातचीत होती थी, तो हम दोनों साथ बैठकर फैसले लेते थे।"
राजेश ठाकुर ने कहा, "एक मंत्री के तौर पर वह बहुत अच्छा काम कर रहे थे। बस दो-तीन दिन पहले ही हमारी बात हुई थी, जब वह टूरिज्म को समझने और सीखने के लिए बेंगलुरु के दौरे पर थे। उस लंबी बातचीत के दौरान हमने चर्चा की थी कि झारखंड को कैसे मजबूत बनाया जाए और टूरिज्म के क्षेत्र में उसे कैसे आगे ले जाया जाए।"
उन्होंने कहा, "लगातार जिस तरह सुदिव्य सोनू काम करते थे, वो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए संकटमोचक के रूप में थे। जब भी गंभीर मसला होता था, वह मुख्यमंत्री उन्हें शामिल करते थे। वे एक राजनीतिक सूझबूझ रखने वाले व्यक्ति थे और झारखंड का एक बड़ा चेहरा थे। उनके जाने से झारखंड की बड़ी क्षति हुई है।"
राजेश ठाकुर ने कहा, "सुदिव्य सोनू एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी जाने जाते थे। उनका स्वभाव शांत था। वे गंभीरता से दूसरों की बातों को सुनते और आगे रखते थे। हमारा मानना है कि उनके जाने की क्षतिपूर्ति संभव नहीं है।"
झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा, "यह बेहद दुखद और पीड़ादायक है। उनका असमय हमारे बीच से चले जाना और झारखंड की राजनीति में उनके जाने से जो खालीपन आया है, उसे भरना बहुत मुश्किल होगा। यह झारखंड मुक्ति मोर्चा के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।"
वहीं, झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने भी मंत्री सुदिव्य सोनू के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "मुझे लोगों ने इस बारे में जानकारी दी थी, जिस पर विश्वास नहीं हो रहा था। मैंने गिरिडीह के लोगों से बात की, जिन्होंने निधन की पुष्टि की।"
उन्होंने कहा, "सुदिव्य सोनू भले राजनैतिक तौर पर दूसरे दल के सदस्य थे, लेकिन वह हमारे शहर के रहने वाले थे। प्रारंभ से एक जान-पहचान रही है। मैं कह सकता हूं कि वे काफी दिलेर रहे हैं। अचानक इस प्रकार निधन होना परिवार के लिए दुखद होता है, लेकिन यह समाज के लिए भी दुखद है। ईश्वर परिवार को इस दुखद क्षण को सहन करने की शक्ति दें।"