रांची : असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति के लिए हिंदुओं को बांटने की कोशिश करने का शुक्रवार को आरोप लगाया और लोगों से ऐसे प्रयासों को विफल करने के लिए एकजुट रहने का आग्रह किया।
हिमंत बिस्वा सरमा ने बांग्लादेशियों की घुसपैठ बढ़ने के मामलों पर भी चिंता जताई और सचेत किया कि अगर इस पर अंकुश नहीं लगाया गया तो यह समस्या राज्य की महिलाओं के लिए गंभीर खतरा बन जाएगी। झारखंड में भाजपा के चुनाव सह-प्रभारी शर्मा ने रांची में एक रैली के दौरान कहा, ‘‘कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति के लिए हिंदुओं को बांटना चाहती है। एक रहोगे तो सुरक्षित रहोगे।''
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हिमंत बिस्वा सरमा ने आगाह किया कि यदि भाजपा सत्ता में नहीं आई तो घुसपैठिए घरों पर हमला करेंगे और ‘‘पत्नियों, बहुओं और बेटियों के लिए गंभीर खतरा पैदा करेंगे।'' शर्मा ने कहा, ‘‘हम झारखंड को लूटने वाले आलमगीर आलम और इरफान अंसारी जैसे मंत्रियों को ठीक उसी तरह बाहर निकाल देंगे, जैसे हमने अयोध्या से बाबर को बाहर निकाला था।''
आलम करोड़ों रुपये के धन शोधन मामले में वर्तमान में जेल में हैं जबकि अंसारी को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भाभी एवं भाजपा उम्मीदवार के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। झारखंड में विधानसभा चुनाव 13 और 20 नवंबर को होंगे तथा मतगणना 23 नवंबर को होगी।
आपको जानकारी के लिए बताते चलें कि इस बार झारखंड में दो चरणों में विधानसभा चुनाव होना है। पहले चरण की वोटिंग 13 नवंबर को होगी, तो वहीं दूसरे चरण की वोटिंग 20 नवंबर को होगी। वोटों की गिनती 23 नवंबर को होनी है और चुनवा के नतीजे भी उसी दिन घोषित किए जएंगे। इस बार के विधानसभा चुनाव से पहले बाजेपी के कई दिग्गज नेता ने झारखंड मुक्ति मोर्चा का दामन थामा है। खास बात यह है कि झामुमो ने बीजेपी के इन दिग्गज नेताओं को इस बार के चुनावी मैदान में भी उतारने का काम किया है।
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