JPSC 14th Civil Services Exam: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने कार्रवाई तेज कर दी है। सीआईडी ने मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार पांच आरोपियों में जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते का कंप्यूटर ऑपरेटर, तीन छात्रों तथा एक अन्य आरोपी शामिल हैं। नई गिरफ्तारियों के बाद इस मामले में अब तक पकड़े गए आरोपियों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है।
इससे पहले 4 अगस्त को सीआईडी ने उमेश कुमार, बुद्धेश्वर भगत और रमेश कुमार को गिरफ्तार किया था। इनके खिलाफ सीआईडी थाना कांड संख्या 16/26, दिनांक 22 जुलाई 2026 के तहत कार्रवाई की गई थी। जांच एजेंसी का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने और कथित अनियमितताओं से जुड़ी हुई है।
सीआईडी लगातार इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, दस्तावेजों और पूछताछ के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। सूत्रों के अनुसार, हालिया गिरफ्तारियों के बाद जांच का दायरा और बढ़ सकता है तथा कई अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
रांची में जारी प्रदर्शन पर छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा, "हमें SDO के जरिए सरकार से एक मैसेज मिला। चूंकि सरकार बातचीत करने के लिए तैयार है, इसलिए हमने भी छात्रों के तौर पर अपनी सहमति जता दी है। हमने SDO को बता दिया है कि हम बातचीत के लिए तैयार हैं। लोकतांत्रिक देश या राज्य में बातचीत बहुत जरूरी है, क्योंकि यही किसी समाधान तक पहुंचने का एकमात्र तरीका है।"
पासवान ने आगे कहा, "हमारी मुख्य शर्त यह है कि बातचीत सीधे मुख्यमंत्री के साथ हो, और हमें भरोसा दिलाया गया है कि मुख्यमंत्री मौजूद रहेंगे। दूसरी बात, हम चाहते हैं कि बातचीत के दौरान कम से कम दो मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहें। हम चाहते हैं कि बातचीत मीडिया की मौजूदगी में हो। अभी तक किसी खास तारीख या समय का ऐलान नहीं किया गया है। SDO ने हमसे कहा है कि हम सुबह 10:00 बजे से पहले अपने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के नाम सौंप दें, जिसके बाद बैठक की तारीख और समय की जानकारी दी जाएगी।"
वहीं मुख्यमंत्री ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने कहा कि सरकार के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं और छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा, "युवाओं के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी बातचीत की जाएगी।"
राजभवन की ओर से जारी बयान में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और युवाओं के विश्वास को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भर्ती आयोगों की कार्यप्रणाली ऐसी होनी चाहिए, जिस पर किसी प्रकार का प्रश्नचिह्न न लगे। वहीं, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यपाल को आश्वस्त किया कि सरकार पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और छात्रों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।