Jharkhand Student Protest: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी (JPSC-JSSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ चल रहा छात्र आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। आंदोलन के 16वें दिन रविवार को झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के विधायक जयराम महतो भी छात्रों के समर्थन में खुलकर सामने आए। उन्होंने रांची के पुराने विधानसभा परिसर में एक दिन का निर्जला अनशन किया।
जयराम महतो ने कहा कि यह उपवास जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले कई दिनों से आंदोलन और भूख हड़ताल कर रहे छात्रों के समर्थन में है। वहीं आंदोलनकारी छात्र निशांत यादव ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसे अड़ियल और तानाशाह बताया। छात्रों का आरोप है कि विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, धांधली और अनियमितताएं हुई हैं। आंदोलनकारी छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच और भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं।
झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन को रविवार को जेएलकेएम विधायक जयराम महतो का समर्थन मिला। उन्होंने पुराने विधानसभा परिसर में छात्रों के समर्थन में एक दिन का निर्जला अनशन किया। इससे पहले उन्होंने 9 अगस्त को अनशन करने का ऐलान किया था। जयराम महतो ने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं और कई छात्र भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं। उनके समर्थन में उन्होंने अपनी तरफ से एक दिन का निर्जला उपवास रखा है।
जयराम महतो ने आंदोलन को लेकर राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठी सरकार को आंदोलनकारी छात्रों से बातचीत करनी चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब छात्र विरोध करते हैं, धरने पर बैठते हैं और भूख हड़ताल शुरू करते हैं, तभी सरकार बातचीत के लिए आगे क्यों आती है। जयराम महतो ने कहा कि सरकार को छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए और भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवालों का स्थायी समाधान निकालना चाहिए।
आंदोलनकारी छात्र निशांत यादव ने भी सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों पर सरकार की तरफ से अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। निशांत यादव ने सरकार को अड़ियल और तानाशाह बताते हुए कहा कि छात्रों को अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए आंदोलन को आगे बढ़ाना पड़ रहा है। उन्होंने खुद को भी प्रतियोगी परीक्षा का अभ्यर्थी बताते हुए कहा कि उन्होंने सीजीएल, जेपीएससी, पीजीटी और जेईटी जैसी परीक्षाएं दी हैं और उनके अनुसार इन परीक्षाओं में गड़बड़ियां देखने को मिली हैं।
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था को लेकर छात्र लगातार सवाल उठा रहे हैं। आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का आरोप है कि जेपीएससी और जेएसएससी की कई परीक्षाओं में पेपर लीक, धांधली और अन्य अनियमितताएं हुई हैं।
छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए और जिन परीक्षाओं को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं, उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। आंदोलन को लेकर छात्रों के बीच पहले से ही असंतोष बना हुआ है और कई अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर लगातार धरना और भूख हड़ताल कर रहे हैं।
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे आंदोलन में कई छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं। लगातार उपवास के कारण कुछ छात्रों की तबीयत बिगड़ने की चिंता भी सामने आई है। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे आंदोलन जारी रखेंगे। इससे पहले सरकार और छात्रों के बीच बातचीत के दौर भी हुए, लेकिन किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बन सकी।
जेपीएससी-जेएसएससी विवाद को लेकर झारखंड में छात्रों के बीच लगातार समर्थन देखने को मिला है। सोशल मीडिया पर भी कई अभ्यर्थियों और युवाओं ने आंदोलन के प्रति समर्थन जताया है और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की है। फिलहाल छात्रों का आंदोलन जारी है और जयराम महतो के निर्जला अनशन के बाद इस पूरे मामले को लेकर सरकार पर दबाव और बढ़ सकता है।