मेटा का ऑफिस सोर्स- सोशल मीडिया
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भारत में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर जीरो टॉलरेंस, मेटा ने अनुचित कंटेंट की रिपोर्टिंग पर सहमति जताई

Facebook's Parent Meta Has Agreed to Indian Govt: बच्चों के शोषण से संबंधित कंटेंट की जानकारी देने के लिए मेटा ने सहमति जताई है। यह जानकारी जांच एजेंसी को दी जाएगी ताकि सरकार उचित कार्रवाई कर सके।

नितिन कुमार राय

Meta Agrees To Report Child Sexual Abuse Cases: भारत सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर लगातार कदम उठा रही है। सरकार की सख्ती के बाद मेटा ने बच्चों के शोषण से संबंधित कंटेंट की जानकारी जांच एजेंसी को देने पर सहमति जताई है। बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर बहुत सख्त है। इसी दिशा में मेटा ने बाल सुरक्षा से संबंधित मामलों को रिपोर्ट करने पर सहमति जताई है।

बच्चों की सुरक्षा की दिशा में कदम

सरकार के इस कदम को बच्चों के लिए सोशल मीडिया को सुरक्षित बनाने की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है। इसके साथ ही सरकार बाकी प्लेटफॉर्म के साथ भी लगातार संपर्क में है ताकि ऐसे कंटेंट की एक्टिव तरीके से पहचान की जा सके और उसे हटाया जा सके। सरकार ने साफ कहा है कि जो प्लेटफॉर्म बच्चों की सुरक्षा के लिए सक्रिय कदम नहीं उठाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सरकार और मेटा के बीच हुई थी चर्चा

18 अगस्त को एक रिपोर्ट में कहा गया था कि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और मेटा के बीच हुई चर्चाओं का मुख्य फोकस उन अवैध सामग्रियों के प्रबंधन पर रहा है जिन्हें एक बार हटाए जाने के बाद फिर से प्लेटफॉर्म पर साझा किया जाता है। सरकार का मानना है कि केवल कंटेंट हटाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके दोबारा प्रसारित होने से रोकना भी आवश्यक है। मेटा ने इस दिशा में कई कदम उठाने शुरू किए हैं और कंपनी विशेष रूप से सतर्क है।

भारतीय कानून के तहत गंभीर अपराध

बाल यौन शोषण से जुड़ा कंटेंट भारतीय कानून के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है। कंपनी ऐसे मामलों की पहचान, हटाने और पुनः अपलोड को रोकने के लिए अपने सिस्टम को और मजबूत कर रही है। रिपोर्ट में कहा गया था कि कंपनी उन मामलों पर भी काम कर रही है, जिनमें पहले चिह्नित और हटाई जा चुकी सामग्री किसी नए रूप या अलग माध्यम से दोबारा प्लेटफॉर्म पर दिखाई देती है। इसके लिए हाई तकनीक सिस्टम और पहचान तंत्र का उपयोग किया जा रहा है।

सरकार ने स्पष्ट कर दिया रूख

केंद्र सरकार ने मेटा सहित डिजिटल मंचों को स्पष्ट किया है कि यदि वे भारतीय कानूनों का पालन नहीं करते हैं, तो उन्हें 'सेफ हार्बर' सुरक्षा का लाभ नहीं मिल सकता। यह भी स्पष्ट किया था कि सरकार का उद्देश्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सेंसरशिप लागू करना नहीं है। बल्कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखना है।

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