गुरशरण कौर 
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पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की पत्नी गुरुशरण कौर की 'जेड प्लस' सुरक्षा हटाएगी सरकार! अधिकारियों ने क्या कहा?

SPG एक्ट के तहत पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके परिवार के सदस्यों को दफ्तर छोड़ने के 10 साल बाद तक SPG सिक्योरिटी मिलती है। SPG एक्ट में सोधन के बाद पूर्व प्रधानमंत्रियों को दफ्तर छोड़ने के 5 साल बाद सिक्योरिटी कवर मिलेगा।

मनोज आर्या

नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन के बाद उनकी पत्नी गुरशरण कौ मिलने वाली जारी रहेगी। खबर है कि उनका सीआरएफ जेड प्लस कवर पहले की तरह जारी रहेगा। सिंह का गुरुवार को राजधानी दिल्ली के एम्स में निधन हो गया था। वह 92 वर्ष के थे। साल 2004 से लेकर साल 2014 तक वह भारत के प्रधानमंत्री पद पर रहे थे। मीडिया रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि कौर को मिलने वाला सीआपीएफ जेड प्लस सिक्योरिटी कवर जारी रहेगा। मनमोहन सिंह और उनकी पत्नी को साल 2019 में यह सुरक्षा केंद्र सरकार की ओर से मिली थी।

एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, उनके मामले में सीआरपीएफ सुरक्षा जारी रहेगा, उसमें किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। जेड प्लस कैटेगरी के तहत उन्हें सीआरपीएफ सुरक्षा मिलती रहेगी। बाद में उनके सुरक्षा और खतरे को लेकर समीक्षा होगी।

अधिकारियों ने क्या कहा?

वरिष्ठ अधिकारी ने आगे कहा कि यह नियमित प्रकिया है, जो सुरभा हासिल सभी लोगों के लिए होती है। इस बात की संभावनाएं कम हैं कि सुरक्षा कवर को हटाया जाएगा। कोई आदेश जारी नहीं किए गए हैं और इनके जारी होने की संभानाएं भी कम हीं हैं। खास बात है कि पहले SPG एक्ट के तहत पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके परिवार के सदस्यों को दफ्तर छोड़ने के 10 साल बाद तक SPG सिक्योरिटी मिलती है। SPG एक्ट में सोधन के बाद पूर्व प्रधानमंत्रियों को दफ्तर छोड़ने के 5 साल बाद सिक्योरिटी कवर मिलेगा। साल 2019 तक मनमोहन सिंह भी एसपीजी सुरक्षा मिली थी। देश की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...

पूर्व पीएम के स्मारक पर विवाद

मनमोहन सिंह का स्मारक कहां बनेगा, इसपर चर्चाओं का दौर जारी है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, स्मारक के लिए किसान घाट के पास जगह और राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर विचार किया जा रहा है। सिंह का अंतिम संस्कार 28 दिसंबर को दिल्ली के निगमबोध घाट पर किया गया था। हाल ही में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार और स्मारक को लेकर उठे विवाद के बीच प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा ने कांग्रेस पर सवाल उठाए थे। शर्मिष्ठा ने कहा था कि जब उनके बाबा का निधन हुआ तो क्या कांग्रेस को ये सब बातें याद नहीं आईं। उनका अंतिम संस्कार कैसे किया जाना चाहिए और कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक कब बुलाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा था कि ‘जब मेरे बाबा का निधन हुआ तो कांग्रेस ने शोक सभा के लिए CWC की बैठक बुलाने की भी जहमत नहीं उठाई।

प्रणब मुखर्जी के बेटे ने क्या कहा?

प्रणब की बेटी ने कहा था कि एक वरिष्ठ नेता ने मुझसे कहा था कि राष्ट्रपतियों के लिए ऐसा नहीं किया जाता। यह पूरी तरह बकवास है, क्योंकि बाद में मुझे बाबा की डायरी से पता चला कि केआर नारायणन के निधन पर CWC की बैठक बुलाई गई थी और शोक संदेश खुद बाबा ने तैयार किया था।’ वहीं शर्मिष्ठा के भाई यानी प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत ने अलग राय जाहिर की है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप तो नहीं लगाया लेकिन अपने पिता की सफलता का श्रेय पार्टी को दिया।

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