वायनाड रेस्क्यू ऑपरेशन (सोर्स-ANI) 
देश

केरल के वायनाड में फिर शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन, भूस्खलन में अब तक 7 शव बरामद

Wayanad Landslide: केरल के वायनाड में 7 जुलाई को हुए भूस्खलन के बाद फिर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ है। अब तक 7 शव बरामद हो चुके हैं, जबकि लापता लोगों की तलाश जारी है।

अनन्या तिवारी

Wayanad Landslide Rescue Operation Resumes In Kerala: केरल के वायनाड जिले में 7 जुलाई को हुए भीषण भूस्खलन के बाद राहत और बचाव अभियान एक बार फिर तेज कर दिया गया है। हादसे के कई दिन बाद भी लापता लोगों की तलाश जारी है। अब तक इस हादसे में 7 शव बरामद किए जा चुके हैं। प्रशासन और बचाव दल प्रभावित इलाके में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।

7 जुलाई को ऐसे हुआ था हादसा

यह हादसा वायनाड के मेप्पाडी इलाके में मीनाक्षी पुल के पास हुआ था। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पहाड़ी का एक हिस्सा अचानक खिसक गया, जिससे वहां टनल निर्माण कार्य में लगे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। घटना के समय बड़ी संख्या में मजदूर मौके पर मौजूद थे और कई लोगों के मलबे में दबने की आशंका जताई गई थी।

बसें और मजदूरों के कैंप भी आए चपेट में

जानकारी के अनुसार, स्थानीय मजदूरों को काम के लिए दो बसों से लाया गया था। भूस्खलन की वजह से मजदूरों के अस्थायी कैंप और बसें भी प्रभावित हुईं। कई लोगों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई, लेकिन कुछ मजदूर मलबे में दब गए। हादसे के तुरंत बाद राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया था।

ऐसे होता है भूस्खलन

भूस्खलन (Landslide) एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसमें पहाड़ों या ढलान वाले क्षेत्रों की मिट्टी, चट्टानें, बजरी और मलबा गुरुत्वाकर्षण के कारण नीचे की ओर खिसकने लगता है। यह घटना प्राकृतिक कारणों के साथ-साथ मानवीय गतिविधियों की वजह से भी हो सकती है।

भूस्खलन के प्रमुख कारण

विशेषज्ञों के मुताबिक, भारी बारिश, बर्फ का पिघलना, भूकंप, ज्वालामुखीय गतिविधियां और ढलानों का प्राकृतिक कटाव भूस्खलन के प्रमुख प्राकृतिक कारण हैं। वहीं, जंगलों की कटाई, अनियोजित निर्माण, ढलानों पर अत्यधिक भार और खराब जल निकासी जैसी मानवीय गतिविधियां भी इस तरह की घटनाओं का जोखिम बढ़ाती हैं।

ऐसे कम हो सकता है खतरा

हालांकि प्राकृतिक कारणों से होने वाले भूस्खलन को पूरी तरह रोकना संभव नहीं है, लेकिन मानवीय कारणों से होने वाले जोखिम को कम किया जा सकता है। इसके लिए बेहतर जल निकासी व्यवस्था, रिटेनिंग वॉल्स, ढलानों की वैज्ञानिक ग्रेडिंग, शॉटक्रीट और नेटिंग, बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण और वन संरक्षण जैसे उपाय प्रभावी माने जाते हैं।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

प्रशासन का कहना है कि लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं। प्रभावित इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से बारिश के दौरान संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की भी अपील की है।

मोदी कैबिनेट में जल्द बड़ा फेरबदल? 3 मंत्रियों के इस्तीफे से 12 पद खाली, युवाओं-महिलाओं को मिल सकती जिम्मेदारी

पॉलीथीन की थैलियों में भरा जा रहा था चढ़ावा, खराब किए QR कोड; बांके बिहारी मंदिर मामले में भड़का सुप्रीम कोर्ट

गरीबों की सेवा से नोबेल और भारत रत्न तक, जानिए मदर टेरेसा की जिंदगी की पूरी कहानी

गांधी खानदान की बहू, पर BJP में बनाई धाक; परिवार की सियासत से अलग मेनका गांधी ने यूं तय किया राजनीतिक सफर

त्योहारों के रंग में रंगा देश, PM मोदी और अन्य नेताओं ने दी ओणम और ईद-ए-मिलाद-उन-नबी की बधाई