Keralam Government V.D. Satheesan: केरल में कांग्रेस ने वीडी सतीशन को मुख्यमंत्री के तौर पर चुना है। सोमवार को वीडी सतीशन मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इसके साथ ही, केरल में एक लंबे अंतराल के बाद शीर्ष पद पर कांग्रेस पार्टी की वापसी होगी। केरल में पद संभालने वाले आखिरी कांग्रेस मुख्यमंत्री 2011 में ओमन चांडी थे।
वीडी सतीशन केरल के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले ही उन्हें एक कड़ी चुनौती का सामना करना है। यह चुनौती प्रशासनिक से ज्यादा राजनीतिक और भावनात्मक मानी जा रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि अब वीडी सतीशन को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला को साथ लेकर चलना होगा।
70 वर्षीय रमेश चेन्निथला केरल की राजनीति का केंद्र रहे है। वे लंबे समय से कांग्रेस के साथ जुड़े हुए है। अपने लंबे राजनीतिक करियर में उन्होंने यूथ कांग्रेस नेता, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, विपक्ष के नेता, गृह मंत्री और पार्टी के रणनीतिकार जैसी कई अहम भूमिकाएं निभाई हैं। केरल में उनका राजनीतिक सफर बेहद मजबूत माना जाता है। अगर 2004 के लोकसभा चुनाव को छोड़ दिया जाए तो उन्होंने करियर में कभी ज्यादा मुश्किलों या झटकों का सामना नहीं करना पड़ा है। यह भी एक कारण है कि कांग्रेस में उनकी पकड़ बेहद मजबूत मानी जाती है।
मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान का खुलासा हुआ था। इसके बाद दिल्ली में लंबी बैठक और चर्चाओं के बाद पार्टी हाईकमान ने वीडी सतीशन के नाम पर मुहर लगाई। हालांकि, इसके बाद भी कांग्रेस पार्टी के कई नेता रमेश चेन्निथला के साथ समर्थन में खड़े दिखाई दिए।
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बताया जा रहा है कि हाईकमान के अंतिम फैसले से रमेश चेन्निथला पूरी तरह खुश नहीं हैं। गुरुवार रात जब नए विधायकों की पहली बैठक हुई थी, वे तब भी वहां शामिल नहीं हुए। शुक्रवार सुबह उन्हें गुरुवायुर श्री कृष्ण मंदिर में दर्शन करते देखा गया था।
रमेश चेन्निथला ने कहा, "कैबिनेट में किसे शामिल करना है, यह मुख्यमंत्री का अधिकार है। मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं और पार्टी हाईकमान का धन्यवाद करता हूं।" अब माना जा रहा है कि सतीशन जल्द ही चेन्निथला से मुलाकात कर उन्हें सरकार में अहम जिम्मेदारी देने की पेशकश कर सकते हैं। राजनीतिक जानकारों का माने तो वीडी सतीशन के सामने सिर्फ सरकार बनाना ही असली चुनौती नहीं है, बल्कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को साथ लेकर चलना और पार्टी की एकजुट रखना है।