राष्ट्रपति ट्रंप सोर्स- IANS
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अमेरिका को मिला भारत और चीन पर 100% टैरिफ लगाने का अधिकार, ट्रंप ने बिल पर दस्तखत कर दी मंजूरी

Trump Tarrif Attack: डोनाल्ड ट्रंप ने को रूसी तेल खरीदने वाले शीर्ष पांच देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने वाले बिल को मंजूरी दे दी। बिल को 262-159 वोटों से मंजूरी मिली थी। इस कानून से भारत पर असर पड़ेगा।

नितिन कुमार राय

Trump Passes Tarrif Bill: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को 'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट' को कानून का रूप देते हुए उस पर हस्ताक्षर किए। यह कदम अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स द्वारा बिल पास किए जाने के दो दिन बाद उठाया गया। यह कानून राष्ट्रपति ट्रंप को रूसी तेल और गैस के शीर्ष पांच खरीदारों से होने वाले आयात पर 100% तक टैरिफ लगाने का अतिरिक्त अधिकार देता है।

पांच देशों पर टैरिफ लगाने वाला कानून

अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने वाला एक बिल पास किया है, जिससे ट्रंप प्रशासन को रूसी तेल खरीदने वाले शीर्ष पांच देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने की इजाजत मिल जाएगी। बिल को 262-159 वोटों से मंजूरी दी गई है। इस कानून से भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान पर असर पड़ने की संभावना है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत अपने 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

अप्रैल 2025 से इसपर चर्चा

ट्रंप के रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले इस नए बिल पर दस्तखत करने के साथ ही कानून बन गया। इसकी प्रक्रिया की शुरुआत अप्रैल 2025 में हुई थी, जब सीनेटर लिंडसे ग्राहम और रिचर्ड ब्लुमेंथल ने अमेरिकी सीनेट में इस बिल का एक वर्जन पेश किया था। रूस के एनर्जी एक्सपोर्ट से होने वाली कमाई को बुरी तरह कम करना और चार साल से ज़्यादा की लड़ाई के बाद यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत करने पर मॉस्को को मजबूर करना, इस बिल को लाने के पीछे उनके मुख्य मकसद थे।

उर्जा सुरक्षा के लिए ऊंचे स्तर की बातचीत

विदेश मंत्रालय ने कहा कि हाल के महीनों में अमेरिका के अलग-अलग अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर ऊंचे स्तर पर बातचीत हुई है। भारत ने बहुत साफ तौर पर बताया है कि इसके असर न सिर्फ दोनों देशों के रिश्तों पर, बल्कि इंटरनेशनल एनर्जी मार्केट पर भी पड़ सकते हैं। हालांकि रूस अभी भी तेल और गैस का सबसे बड़ा स्रोत बना हुआ है, लेकिन अलग-अलग स्रोतों से सप्लाई लेने की कोशिशों के तहत भारत ने हाल के महीनों में अमेरिका और वेनेजुएला से भी एनर्जी की खरीद बढ़ाई है।

सभी जरूरी कदम उठाने का संकल्प

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारत ने अपने व्यापार और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का अपना संकल्प भी साफ कर दिया है। हालांकि प्रस्तावित कदमों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। सरकार इन नियमों के असर से निपटने के लिए भारतीय व्यापार और उद्योग संगठनों के साथ मिलकर काम करेगी। अमेरिकी कांग्रेस में इस कानून के पारित होने के बाद भारत इससे जुड़ी आगे की गतिविधियों पर नजर रख रहा है।

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