Kiren Rijiju vs Pawan Khera: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के एक दावे से एक नया राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। मामले पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने रिजिजू के इस दावे को लेकर उन पर जमकर निशाना साधा है। खेड़ा ने कहा कि वह एक फर्जी वीडियो के झांसे में आ गए। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक 'मंत्री' असली और फर्जी वीडियो में अंतर नहीं कर पा रहे हैं। इससे पहले, केंद्रीय मंत्री ने एक पाकिस्तानी राजनेता के कथित बयान का हवाला देते हुए सवाल पूछा था, "एक पाकिस्तानी राजनेता ने ऐसा क्यों कहा कि हमारे लोग भारत की संसद में बैठे हैं।"
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबी पोस्ट में, कांग्रेस मीडिया सेल के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा, "लगता है कि किरण रिजिजू अब अमित मालवीय की जगह के लिए ऑडिशन दे रहे हैं। कल से, वह एक कम बुद्धि वाले भाजपा आईटी सेल के सदस्य द्वारा प्रसारित एक एआई वीडियो के आधार पर झूठे दावे दोहरा रहे हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "सच्चाई यह है कि रिजिजू एक पाकिस्तानी राजनेता के फर्जी वीडियो के झांसे में आ गए, जिसमें दावा किया गया था कि उनके लोग भारतीय संसद में थे, क्योंकि उन्हें पता है कि विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने ऑपरेशन सिंदूर से पहले पाकिस्तान को सूचित किया था, इसी तरह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी युद्धविराम शुरू होने से 30 मिनट पहले उन्हें युद्धविराम के लिए बुलाने की बात स्वीकार की थी।"
किरण रिजिजू ने कल पूछा था सवाल
पवन खेड़ा ने अपनी पोस्ट में दावा किया, "मैंने उन्हें कल भी यह याद दिलाया था। फिर उन्होंने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया, लेकिन बेशर्मी से इसे फिर से पोस्ट कर दिया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक 'मंत्री' असली और स्पष्ट रूप से फर्जी वीडियो में अंतर नहीं कर सकता।" उन्होंने कहा, "इतनी कम दिमाग वाला व्यक्ति सिर्फ भाजपा की आईटी सेल के लिए ही फिट बैठता है या फिर शायद मोदी कैबिनेट के लिए भी।"
वहीं इस मामले पर किरण रिजिजू ने कल सोशल मीडिया पर एक सवाल पूछा, " कि एक पाकिस्तानी राजनेता ने कहा कि 'हमारे लोग भारत की संसद में बैठे हैं' ऐसा क्यों कहा?" केंद्रीय मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब संसद के मानसून सत्र में सत्तारूढ़ भाजपा नीत सरकार और विपक्ष के बीच, खासकर 'ऑपरेशन सिंदूर' और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर, तीखी बहस चल रही है। हालांकि उन्होंने पाकिस्तानी नेता की पहचान की पुष्टि नहीं की, लेकिन भारत की संसद में हमारे लोग के अस्पष्ट संदर्भ ने कई अटकलों को जन्म दिया।