एम. वीरपांडियन और सीएम विजय (सौजन्य-IANS) 
देश

CM विजय की दावत से वामपंथियों का किनारा, निमंत्रण के बाद भी बैठक में जाने से किया इनकार, गठबंधन में आई दरार?

TVK CM Joseph Vijay Feast: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को बड़ा झटका लगा है। उनके निमंत्रण के बाद भी वामपंथियों ने दावत से किनारा कर दिया है। साथ ही टीवीके सरकार को बाहर से समर्थन की बात की।

प्रिया जैस

CPIM Outside Support TVK: तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की दावत ने सियासी रूख ले लिया है। तमिलनाडु में वामपंथी पार्टियों ने सीएम विजय की दावत से किनारा कर लिया है और टीवीके सरकार को बाहर से समर्थन देने की बात दोहराई है। इस बयान के बाद तमिलनाडु की राजनीति में सियासी हलचल मच गई और गठबंधन के कमजोर होने की चर्चाएं तेज हो गई।

सीएम विजय का निमंत्रण मिलने के बावजूद सीपीआई और सीपीआई(एम) बुधवार को 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) के संस्थापक और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा आयोजित बैठक और दावत में शामिल नहीं होंगे। यह फैसला वामपंथी पार्टियों के उस रुख को दिखाता है जिसके तहत वे टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार को सिर्फ बाहर से समर्थन दे रही हैं। साथ ही इशारा किया वे सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं।

सीपीआई के सचिव का बड़ा बयान

वामपंथी पार्टी नेताओं का कहना था कि सरकार के सहयोगियों के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में शामिल होने से ऐसा लग सकता है कि वे औपचारिक रूप से गठबंधन में शामिल हो गए हैं। सीपीआई के राज्य सचिव एम. वीरपांडियन ने कहा, "यह दावत टीवीके के सहयोगियों के लिए है। चूंकि हम सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे हैं, इसलिए हमने इसमें शामिल न होने का फैसला किया है। वामपंथी पार्टियां अभी किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन सरकार को हमारा समर्थन जारी रहेगा।"

समझौता जनहित पर जारी

सीपीआई और सीपीआई (एम) ने टीवीके सरकार के बनने के बाद से ही अहम मुद्दों पर केवल बाहर से उसका समर्थन किया है। उनका कहना है कि यह समर्थन किसी औपचारिक राजनीतिक समझौते के बजाय नीतियों और जनहित पर आधारित है।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में शामिल न होने के उनके फैसले को सरकार के साथ मतभेद के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। इसके बजाय, दोनों पार्टियों ने दोहराया कि वे मजदूरों, किसानों और समाज के अन्य कमजोर वर्गों से जुड़े मुद्दों पर आगे भी सरकार का सहयोग करती रहेंगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि वे जरूरत पड़ने पर सरकार के सामने जनता की हित से जुड़े मुद्दे उठाती रहेंगी।

सीएम विजय से करेंगे मुलाकात

भले ही वे दावत से दूर रहें, लेकिन सीपीआई और सीपीआईएम के नेता दिन में बाद में सचिवालय में मुख्यमंत्री विजय से जाकर मुलाकात करेंगे। संभावना है कि वे एक ज्ञापन सौंपेंगे और सरकार से दखल देने की मांग करेंगे, जिसमें मजदूरों और समाज के अन्य वर्गों से जुड़े कई अहम मुद्दों को उजागर किया गया है।

इस घटनाक्रम से वामपंथी दलों द्वारा टीवीके सरकार को निरंतर समर्थन देने और अपनी राजनीतिक स्वतंत्रता बनाए रखने की इच्छा के बीच संतुलन स्थापित करने के प्रयास स्पष्ट होते हैं।

गठबंधन सहयोगियों के लिए आयोजित कार्यक्रम से दूर रहकर और मुख्यमंत्री विजय के साथ नीतिगत मुद्दों पर बातचीत जारी रखकर, सीपीआई और सीपीआई (एम) ने यह स्पष्ट करने का प्रयास किया है कि सरकार के साथ उनका संबंध औपचारिक गठबंधन के बजाय बाहरी समर्थन का ही है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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