ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ के प्रावधानों को फिलहाल छूट दी सोर्स- AI
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India Russia Oil Deal: ट्रंप का यू-टर्न: रूस से तेल खरीदने पर 100% टैरिफ से भारत-चीन को राहत, जानें पूरा मामला

Trump Russia Oil Tariff: ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ के प्रावधानों को फिलहाल छूट दी। जानें भारत-चीन को राहत, ग्राहम एक्ट और रुबियो के भारत दौरे का पूरा मामला।

करुणा नंद शाहवाल

Highlights:

  • ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर प्रस्तावित 100 प्रतिशत टैरिफ को फिलहाल छूट दी।

  • आदेश से भारत और चीन को तत्काल अतिरिक्त शुल्क के खतरे से राहत मिली है।

  • अमेरिकी प्रशासन रूस से तेल खरीदने वाले देशों की निगरानी जारी रखेगा।

  • टैरिफ में राहत दिए जाने के मुद्दे पर राज्य मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की।

Trump U Turn 100 Percent Tariff: रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की अमेरिकी योजना पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा यू-टर्न लिया है। ट्रंप ने एक ओर रूस पर नए प्रतिबंधों से जुड़े कानून को लागू करने का आदेश दिया, तो दूसरी ओर उसी आदेश में प्रस्तावित टैरिफ और कई प्रतिबंधों को फिलहाल छूट दे दी।

इससे भारत और चीन जैसे देशों को तत्काल अतिरिक्त शुल्क के खतरे से राहत मिली है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिकी दबाव पूरी तरह खत्म हो गया है। वॉशिंगटन अब भी उन देशों पर नजर रखेगा, जो रूस से तेल और गैस खरीद रहे हैं या प्रतिबंधों से बचने में उसकी मदद कर रहे हैं। इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के भारत दौरे को भी अहम माना जा रहा है।

ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों को क्यों दी राहत?

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और ईरान से जुड़े प्रतिबंधों के प्रावधानों को लागू करने वाले आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसके तहत रूस से तेल और गैस खरीदने वाले प्रमुख देशों पर 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रावधान था।

हालांकि, ट्रंप ने उसी आदेश में इन शुल्कों और कई प्रतिबंधों को फिलहाल माफ कर दिया। आदेश में किसी देश का नाम लेकर छूट नहीं दी गई है, लेकिन इससे भारत और चीन जैसे बड़े रूसी तेल खरीदारों को तत्काल अतिरिक्त टैरिफ से राहत मिली है।

क्या है ग्राहम एक्ट और इसमें क्या प्रावधान हैं?

‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शन्स रशिया एंड ईरान एक्ट 2026’ के तहत रूस से तेल और गैस खरीदने वाले प्रमुख देशों पर दंडात्मक शुल्क लगाने का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा, रूस पर लगे तेल प्रतिबंधों से बचने में उसकी मदद करने वाले देशों या संस्थाओं के सामान पर भी अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है। कानून में रूस से आने वाले सामान पर शुल्क को 500 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रावधान भी बताया गया है। हालांकि, ट्रंप के आदेश में इन उपायों को फिलहाल छूट दी गई है।

100 प्रतिशत टैरिफ पर फिलहाल रोक, लेकिन निगरानी जारी

ट्रंप के आदेश के मुताबिक, प्रस्तावित टैरिफ और कई प्रतिबंधों से मिली छूट तब तक जारी रह सकती है, जब तक राष्ट्रपति या संबंधित वरिष्ठ अधिकारी आगे की कार्रवाई की जरूरत पर फैसला नहीं लेते।

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि को विदेश, वित्त और ऊर्जा विभागों के साथ मिलकर यह निगरानी करने का निर्देश दिया गया है कि कौन-कौन से देश रूस से तेल और गैस खरीद रहे हैं। साथ ही, रूस पर लगे प्रतिबंधों से बचने में उसकी मदद करने वाले प्रमुख देशों की पहचान भी की जाएगी।

भारत को रूस से तेल खरीदने पर पहले भी मिली थी राहत

भारत रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले दुनिया के प्रमुख देशों में शामिल है। खबर के मुताबिक, अमेरिका ने फरवरी में भारत पर रूस से तेल खरीदने के कारण लगाया गया अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क हटा दिया था।

इसी दौरान भारतीय सामान पर अमेरिकी पारस्परिक टैरिफ भी 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किए जाने की बात कही गई थी। ऐसे में नए आदेश से भारत को तत्काल अतिरिक्त शुल्क का सामना करने से राहत मिली है। हालांकि, भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर आगे के फैसलों का असर बना रह सकता है।

अमेरिकी सांसदों ने ट्रंप से क्या मांग की थी?

दरअसल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश से पहले अमेरिकी सांसद माइकल मैककॉल और जिम कोस्टा ने एक संयुक्त पत्र लिखकर कानून को पूरी तरह लागू करने की मांग की थी।

उनका कहना था कि यदि किसी देश को छूट दी जाती है, तो वह सीमित अवधि के लिए होनी चाहिए और रूस को मिलने वाले समर्थन में वास्तविक कमी से जुड़ी होनी चाहिए। हालांकि, ट्रंप के शुक्रवार के आदेश में छूट के लिए कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई गई।

मार्को रुबियो का भारत दौरा क्यों है अहम?

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 17 से 22 अक्टूबर के बीच समरकंद, मुंबई और जामनगर का दौरा करेंगे। कार्यक्रम के अनुसार, 20 अक्टूबर को मुंबई में उनकी विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक प्रस्तावित है।

इसके अलावा, रुबियो जामनगर स्थित रिफाइनरी परिसर का दौरा भी करेंगे। रूस से तेल खरीद, भारत-अमेरिका व्यापार संबंध और ऊर्जा सहयोग जैसे मुद्दों के बीच इस दौरे पर नजर रहेगी।

क्या भारत पर आगे भी लग सकता है टैरिफ?

फिलहाल ट्रंप के आदेश से प्रस्तावित अतिरिक्त टैरिफ पर राहत मिली है, लेकिन भविष्य में कार्रवाई की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

अमेरिकी प्रशासन रूस से तेल खरीदने वाले देशों की निगरानी जारी रखेगा और जरूरत पड़ने पर नए कदम उठा सकता है। इसलिए भारत को मिली राहत को स्थायी छूट मानना जल्दबाजी होगी। आगे की स्थिति अमेरिकी प्रशासन के फैसलों और भारत-अमेरिका के बीच बातचीत पर निर्भर करेगी।

टैरिफ हटने से भारत को राहत- ओम प्रकाश राजभर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूस से तेल और गैस खरीदने को लेकर लगाए गए प्रतिबंधों और टैरिफ में राहत दिए जाने के मुद्दे पर राज्य मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की।

उन्होंने कहा, "जब भी देश के प्रधानमंत्री दुनिया के अलग-अलग देशों के दौरे पर जाते हैं, तो वे शांति का संदेश लेकर जाते हैं। इसी शांति संदेश का नतीजा है कि अब टैरिफ पूरी तरह से हटा दिए गए हैं, जिससे पूरे भारत को फायदा होगा। प्रधानमंत्री इसी तरह का काम करते हैं, जिसे विपक्ष समझ नहीं पाता।"

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