नौवीं में फेल होने के बाद पढ़ाई छोड़ने वाला रेहान अवैध हथियार रखने के मामले में पहले जेल जा चुका है।
दूसरा आरोपी नाबालिग, उसके पिता के अनुसार, वह गोहाना में पत्थर और टाइल्स लगाने का काम सीख रहा था।
तीसरा आरोपी बिहार का रहने वाला, वह मुंबई में रैपिडो चलाता था।
Tiger Shroff Firing Case: अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पृष्ठभूमि सामने आने के बाद उनके परिवारों में चिंता का माहौल है। मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों में से दो हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जबकि तीसरा बिहार का निवासी है और मुंबई में रैपिडो चलाता था। सोनीपत के दोनों आरोपियों में से एक रेहान नौवीं कक्षा में फेल होने के बाद पढ़ाई छोड़ चुका था और अवैध हथियार रखने के मामले में पहले जेल भी जा चुका है। वहीं, दूसरा आरोपी नाबालिग है। उसके पिता के मुताबिक, वह पत्थर और टाइल्स लगाने का काम सीख रहा था।
आरोपियों के परिवारों ने अपने-अपने स्तर पर उनकी पृष्ठभूमि और हाल के दिनों की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी है। हालांकि, इन बयानों से फायरिंग की घटना में उनकी कथित भूमिका साबित नहीं होती। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
रेहान हरियाणा के सोनीपत जिले के देवरू गांव का रहने वाला है। परिवार के मुताबिक, वह नौवीं कक्षा में फेल होने के बाद पढ़ाई छोड़ चुका था। इसके बाद उसने काम करना शुरू कर दिया था। परिजनों के अनुसार, रेहान अवैध हथियार रखने के एक मामले में पहले भी जेल जा चुका है।
परिवार का कहना है कि उन्होंने उसे गलत रास्ते से दूर रहने और मेहनत-मजदूरी करके अपनी जिंदगी संवारने के लिए कई बार समझाया था। लेकिन टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में उसकी गिरफ्तारी की खबर से परिजन हैरान हैं।
रेहान अपनी मां समसिदा और छोटे भाई के साथ गांव में अपने मामा के घर रहता था। उसकी मां एक निजी कंपनी में काम करती हैं। परिवार के मुताबिक, रेहान करीब 12 साल पहले अपने पिता से अलग हो गया था।
रेहान की मौसी अफसाना ने बताया कि जेल से बाहर आने के बाद वह वेल्डिंग का काम करने लगा था। परिवार को यही जानकारी थी कि वह काम पर जाता है। मौसी के अनुसार, बकरीद पर वह घर आया था। त्योहार मनाने के बाद काम पर जाने की बात कहकर निकल गया था।
परिजनों का कहना है कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि उसका नाम इस तरह के गंभीर मामले में सामने आएगा।
मामले में गिरफ्तार दूसरा आरोपी भी सोनीपत का रहने वाला है और नाबालिग बताया जा रहा है। उसके पिता के मुताबिक, उनका बेटा गोहाना में पत्थर और टाइल्स लगाने का काम सीख रहा था। वह 13 तारीख को घर आया था, लेकिन इसके बाद कहां गया, इसकी जानकारी परिवार को नहीं थी।
नाबालिग के पिता दिव्यांग हैं और ईंट तोड़कर मजदूरी करते हैं। इसी से परिवार का गुजारा चलता है। बेटे का नाम फायरिंग जैसे गंभीर मामले में सामने आने से परिवार सदमे में है।
पिता ने आशंका जताई कि कहीं उनका बेटा किसी के बहकावे में तो नहीं आया। उन्होंने फायरिंग की घटना को गलत बताते हुए मामले की सच्चाई सामने लाने की बात कही। हालांकि, नाबालिग की कथित भूमिका और उसे किसी ने उकसाया था या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग केस में गिरफ्तार तीसरा आरोपी बिहार का निवासी बताया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वह मुंबई में रैपिडो चलाता था। हालांकि, उसकी पहचान, पृष्ठभूमि और फायरिंग की घटना में कथित भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
पुलिस की जांच में यह पता लगाना अहम होगा कि तीनों आरोपी एक-दूसरे के संपर्क में कैसे आए, कथित घटना में उनकी क्या भूमिका थी और क्या इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क का हाथ है।