IUML DMK Alliance Break: तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा राजनीतिक फेरबदल देखने को मिल रहा है। मुस्लिम लीग ने डीएमके के साथ 60 साल पुराने गठबंधन तोड़ने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस घोषणा के बाद 6 दशक पुराने राजनीतिक गठबंधन का औपचारिक अंत हो गया। मुस्लिम लीग ने अपने नए सहयोगी टीवीके पर भरोसा जताया है। शनिवार को चेन्नई में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के आम परिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
IUML के राष्ट्रीय अध्यक्ष KM कादर मोहिदीन ने जानकारी देते हुए बताया कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में जनता के जनादेश का सम्मान करते हुए, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने TVK सरकार बनाने के लिए अपना समर्थन दिया और अभी सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार का हिस्सा है। मौजूदा राजनीतिक हालात में हमारे लिए DMK गठबंधन के साथ अपना जुड़ाव बनाए रखना संभव नहीं है।
इस बैठक में यह तय किया गया है कि चुनावी गठबंधन के बारे में फैसला उपचुनावों और स्थानीय निकाय चुनावों की आधिकारिक घोषणा होने के बाद लिया जाएगा।
दो साल पहले ही आस्तित्व में आई टीवीके पार्टी ने राज्य के दिग्गज नेताओं को किनारे लगाते हुए सरकार बनाई। तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय के उदय ने कई पार्टियों को अपने वर्तमान गठबंधन और रणनीति में बदलाव करने पर मजबूर कर दिया। तमिलनाडु में आमतौर पर अल्पसंख्यक डीएमके का साथ देते आए हैं, लेकिन इस बार विधानसभा चुनाव में टीवीके का साथ दिया। मुस्लिम लीग द्वारा डीएमके का साथ छोड़ने का एक कारण ये भी है।
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बता दें, डीएमके और आईयूएमएल के बीच गठबंधन 1967 से चला आ रहा है। लंबे समय से यह पार्टी डीएमके के सबसे करीबी मुस्लिम सहयोगियों में मानी जाती रही है। हालांकि, मुस्लिम लीग ने 1996 और 2001 के विधानसभा चुनावों में एआईएडीएमके के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ा था, लेकिन बाद के वर्षों में डीएमके के साथ मुस्लिम लीग का राजनीतिक गठबंठधन बरकरार रहा।