दिल्ली में वायु प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त (फोटो- सोशल मीडिया) 
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दिल्ली में प्रदूषण से बढ़ी मरीजों की संख्या; SC ने AAP सरकार को लगाई फटकार, हरियाणा- पंजाब से भी मांगा जवाब

वायु प्रदूषण से जूझ रही राजधानी दिल्ली में सांस लेना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। दिल्ली सहित आस-पास के इलाकों में बढ़ते एयर क्वालिटी इंडेक्स को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त हो गया है। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाई है।

Saurabh Pal

नई दिल्लीः वायु प्रदूषण से जूझ रही राजधानी दिल्ली में सांस लेना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। दिल्ली सहित आस-पास के इलाकों में बढ़ते एयर क्वालिटी इंडेक्स को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त हो गया है। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाई है। जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस ऑगस्टीन जार्ज मसीह की बेंच ने कहा कि बैन का उल्लंघन करने वालों के के खिलाफ कैंपस सील करने जैसी सख्त कार्रवाई की जरूरत है।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए दिल्ली सरकार पर तीखी टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि राज्य में पटाखों पर बैन का मुश्किल से ही पालन हो सका। सरकार को कुछ ऐसा करना होगा जिससे अगले वर्ष पटाखों पर बैन का उल्लंघन न हो सके।

दिल्ली सरकार और पुलिस आयुक्त से कोर्ट ने मांगा जवाब

इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से ही नहीं बल्कि पुलिस आयुक्त से पटाखों पर प्रतिबंध प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है। दिल्ली पुलिस को अगली तारीख 14 नवंबर तक जवाब देना होगा।

हरियाणा और पंजाब सौंपेंगे पराली पर रिपोर्ट

वहीं दिल्ली पुलिस के अलावा कोर्ट ने हरियाणा और पंजाब सरकारों से जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी ने बताया कि दिवाली के समय खेतों में बड़े पैमाने पर फसल अवशेष जलाएं जा रहे हैं। जिसके धुएं से दिल्ली की सहित आस-पास के इलाकों में लगातार वायु प्रदुषण बढ़ रहा है। दिवाली से एक दिन पहले 160 लोगों ने फसल अवशेष में आग लगाई थी। वहीं दिवाली के दिन यह संख्या बढ़कर 560 हो गई। जिससे 3 गुना प्रदुषण में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।

पंजाब और हरियाणा में पराली पर कंट्रोल नहीं

प्रदुषण पर सुनवाई कर रही बेंच ने पंजाब और हरियाणा की सरकारों से अक्टूबर के आखिरी 10 दिनों के दौरान खेतों में आग लगने और पराली जलाने की घटनाएं बढ़ने पर 14 नवंबर को जवाब दाखिल करने को कहा है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार हलफनामें के माध्यम से बताए कि क्या दिल्ली की सीमा के अंदर भी पराली जलाई गई है। बेंच ने पंजाब और हरियाणा सरकारों से अक्टूबर के आखिरी 10 दिनों के दौरान खेतों में आग लगने और पराली जलाने की घटनाएं बढ़ने पर 14 नवंबर तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा है।

दिल्ली में बढ़े मरीज

गौरतलब है कि दिवाली के दिन अचानक दिल्ली में तेजी से वायु प्रदुषण बढ़ा है। दिल्ली की हवा अब खतरनाक मानी जा रही है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार सोमवार सुबह 7 बजे तक दिल्ली के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों में AQI 400 के पार था। प्रदूषण में बढ़ोतरी होते ही दिल्ली के अस्पतालों में खांसी, जुकाम, बुखार, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और क्रॉनिक ऑबस्ट्रेक्टिव पल्मोनरी डिजीज (CPOD) जैसी सास संबंधी बीमारियों के मरीज 35% बढ़ गई है।

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