हरदोई. मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव (MP Assembly Election 2023) में सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस (Congress) के साथ विवाद जारी है। इसी बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने शनिवार को दावा किया कि उनकी पार्टी ने चुनाव में कांग्रेस को अपनी सरकार बनाने के लिए एक बार नहीं बल्कि दो बार को समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने 2018 के मध्य प्रदेश चुनावों में एक सीट हासिल की और उनके समर्थन से कांग्रेस अपनी सरकार बनाने में सफल रही।
हरदोई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, "हमारा एक विधायक था और हम पांच सीटों पर उपविजेता रहे। जब कांग्रेस को मदद की जरूरत पड़ी तो समाजवादी पार्टी सबसे पहले उनके साथ खड़ी हुई। परिणामस्वरूप मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार स्थापित हुई। इसके अलावा जब दोबारा जरूरत पड़ी तो समाजवादी पार्टी के विधायक ने बिना किसी शर्त के कांग्रेस का समर्थन कर दिया।"
गौरतलब है कि 2018 के मध्य प्रदेश चुनावों में समाजवादी पार्टी ने 52 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें से उसे बिजावर सीट पर जीत मिली। जबकि, पार्टी 1.30 प्रतिशत वोट हासिल कर पांच सीटों पर दूसरी पसंद रही।
सीट बंटवारे पर विवाद के बावजूद समाजवादी पार्टी और कांग्रेस दोनों इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं जो आगामी लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ एकजुट मोर्चा पेश करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। फिलहाल, मध्य प्रदेश में असहमति की स्थिति है क्योंकि कांग्रेस ने एसपी को कोई सीट आवंटित नहीं की है।
इससे पहले गुरुवार को अखिलेश यादव ने कहा कि, यदि कांग्रेस (मध्य प्रदेश में) सीटों का आवंटन नहीं करना चाहती थी, तो उन्हें यह बात पहले ही बता देनी चाहिए थी। फिलहाल सपा का ध्यान सीटें सुरक्षित करने पर है। मध्य प्रदेश के अनुभव के बाद मुझे समझ में आया है कि इंडिया गठबंधन राष्ट्रीय स्तर (संसदीय) चुनावों के लिए बनाया गया है। अगर कांग्रेस इसी रवैये पर कायम रहती है तो सवाल उठता है कि उनका समर्थन कौन करेगा। अगर हम भाजपा का सामना अनिश्चितता के साथ करेंगे तो हमारी सफलता की संभावना कम हो जाएगी।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में 17 नवंबर को विधानसभा चुनाव होने हैं, जबकि जबकि नतीजे 3 दिसंबर को छत्तीसगढ़, राजस्थान, मिजोरम और तेलंगाना के साथ घोषित किए जाएंगे।