Foreign Ministry Randhir Jaiswal On Sheikh Hasina: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की हालिया मीडिया बातचीत को लेकर भारत ने अपना रुख एक बार फिर स्पष्ट किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि शेख हसीना से जुड़ा यह कार्यक्रम पूरी तरह निजी था और भारत सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि निजी मीडिया संस्था की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में कही गई किसी भी बात का भारत सरकार समर्थन नहीं करती, खास तौर पर बांग्लादेश की विधिवत गठित और लोकतांत्रिक रूप से स्थापित सरकार को लेकर की गई टिप्पणियों का।
विदेश मंत्रालय का यह बयान ऐसे समय आया है जब शेख हसीना ने 5 अगस्त को दिल्ली से आयोजित एक वर्चुअल मीडिया बातचीत में बांग्लादेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने 2024 के छात्र आंदोलन को सुनियोजित राजनीतिक साजिश बताया और अपनी सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर राजनीतिक उत्पीड़न का दावा किया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार की साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में शेख हसीना की मीडिया बातचीत को लेकर भारत का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम एक निजी मीडिया संस्था की ओर से आयोजित किया गया था और भारत सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं थी।
जायसवाल ने कहा कि सरकार कार्यक्रम के मंच से कही गई किसी भी बात का समर्थन नहीं करती। खास तौर पर बांग्लादेश की विधिवत गठित और लोकतांत्रिक रूप से स्थापित सरकार को लेकर की गई टिप्पणियों से भारत ने खुद को अलग रखा है।
विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि कार्यक्रम में शेख हसीना या किसी अन्य व्यक्ति की ओर से कही गई बातों को भारत सरकार की आधिकारिक राय नहीं माना जाना चाहिए। जायसवाल ने कहा कि इस मुद्दे पर सरकार का रुख मीडिया बातचीत शुरू होने से पहले ही स्पष्ट कर दिया गया था और अब भी वही स्थिति कायम है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत अपने आसपास के क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों पर लगातार नजर रखता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से सभी घटनाक्रमों का आकलन किया जाता है और भारत के हितों की रक्षा के लिए जरूरत के मुताबिक उचित कदम उठाए जाते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच आर्थिक और ऊर्जा के क्षेत्रों में संबंध जारी हैं। इसलिए दोनों देशों के बीच होने वाले घटनाक्रमों पर भारत की नजर बनी हुई है।
दरअसल, शेख हसीना ने 5 अगस्त को दिल्ली से एक वर्चुअल मीडिया बातचीत में बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति पर अपनी बात रखी थी। उन्होंने 2024 के छात्र आंदोलन को सुनियोजित राजनीतिक साजिश बताते हुए आरोप लगाया कि उनकी सरकार ने आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की कोशिश की थी, लेकिन कुछ संगठित समूहों ने इसे हिंसक रूप दे दिया।
उन्होंने बांग्लादेश में मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक हालात पर भी गंभीर चिंता जताई और दावा किया कि देश डर, हिंसा, आर्थिक परेशानियों और असुरक्षा के माहौल से गुजर रहा है।
शेख हसीना ने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों में बड़े पैमाने पर राजनीतिक उत्पीड़न हुआ है। उनका दावा है कि इस दौरान कम से कम 10,000 लोग मारे या लापता हो गए, 6.5 लाख लोगों को गिरफ्तार किया गया और 3,500 मामले दर्ज किए गए।
अवामी लीग के करीब 4.5 लाख नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों को आरोपियों के रूप में नामजद किया गया, जबकि 10 लाख से अधिक अन्य लोगों को अज्ञात आरोपी के तौर पर सूचीबद्ध किया गया। हसीना ने यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ 600 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि, ये आंकड़े और आरोप शेख हसीना के दावे हैं और विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में इन दावों की पुष्टि नहीं की है।
रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच आर्थिक और ऊर्जा क्षेत्र में संबंध चलते रहेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए पड़ोसी देश से जुड़े घटनाक्रमों पर नजर रख रहा है।भारत का मौजूदा रुख यह है कि निजी कार्यक्रम में कही गई बातों को भारत सरकार की आधिकारिक स्थिति नहीं माना जाना चाहिए।
शेख हसीना के दिल्ली से संबोधन को लेकर बांग्लादेश की ओर से भी आपत्ति जताई गई थी। ढाका ने भारत से इस कार्यक्रम को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। इसके बाद नई दिल्ली ने दोहराया कि कार्यक्रम का आयोजन निजी संस्था ने किया था और इसमें भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं थी।