एनसीपी प्रमुख शरद पवार (फोटो- सोशल मीडिया) 
देश

ईरान पर भारत की नीति से भटकी सरकार? शरद पवार ने पूछा- संतुलन क्यों टूटा

ईरान-इस्राइल विवाद पर शरद पवार ने भारत की विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं उन्होंने कहा पहले भारत का रुख संतुलित था, अब अस्पष्ट दिख रहा है। केंद्र से स्पष्ट और पारंपरिक नीति की मांग की।

सौरभ शर्मा

सतारा: भारत की विदेश नीति को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। इस बार सवाल उठाए हैं एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने। उन्होंने ईरान और इस्राइल के बीच जारी संघर्ष को लेकर केंद्र सरकार की चुप्पी और अस्पष्ट रुख पर चिंता जताई है। पवार का कहना है कि भारत हमेशा अंतरराष्ट्रीय मामलों में संतुलित और परिपक्व दृष्टिकोण रखता रहा है, लेकिन वर्तमान सरकार उस संतुलन से भटकती नजर आ रही है। उन्होंने साफ कहा कि भारत को ईरान के साथ अपने पुराने संबंधों को खराब नहीं करना चाहिए।

शरद पवार ने महाराष्ट्र के सतारा में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस्राइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद भारत को संतुलित रवैया अपनाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने नेहरू से लेकर मनमोहन सिंह तक हर अंतरराष्ट्रीय विवाद में सोच-समझकर प्रतिक्रिया दी, जिससे भारत की विश्वसनीयता बढ़ी। पवार ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह देश की पारंपरिक विदेश नीति को जारी रखते हुए ईरान पर स्पष्ट और संतुलित रुख अपनाए।

भारत की नीति पर कई सवाल

शरद पवार ने कहा कि भारत हमेशा से पश्चिम एशिया के मामलों में संतुलन बनाए रखने का पक्षधर रहा है, लेकिन इस बार सरकार की चुप्पी और अनिर्णय चिंता का विषय है। उनका कहना है कि इस्राइल और भारत के संबंध अच्छे हैं, विशेषकर कृषि तकनीक जैसे क्षेत्रों में, लेकिन किसी देश पर सैन्य हमले से क्षेत्रीय अस्थिरता पैदा होती है। ऐसे में भारत को सटीक और संतुलित बयान देना चाहिए।

पवार ने यह भी कहा कि ईरान के साथ भारत के पुराने आर्थिक, सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंध हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना देश की रणनीतिक सोच के खिलाफ है। उन्होंने दो टूक कहा कि आज की सरकार विदेश नीति को भावना से नहीं, संतुलन और अनुभव से चलाए।

यह भी पढ़ें:

इमरजेंसी के मुद्दे पर भी दी प्रतिक्रिया

इसी दौरान जब पत्रकारों ने पवार से आपातकाल के मुद्दे पर सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि भाजपा बार-बार 1975 की घटना को उछालती है, जबकि इंदिरा गांधी इस पर माफी मांग चुकी हैं और जनता ने उन्हें फिर से सत्ता सौंपी थी। उन्होंने कहा कि बार-बार इसे उठाना परिपक्वता नहीं, बल्कि मुद्दों से भटकाने की कोशिश है।

MSEDCL ने राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन में जीते 7 पुरस्कार, फ्यूचरिस्टिक डिस्कॉम श्रेणी में भी मिला पहला स्थान

Delhi Protest Live: दिपके के तिरंगा यात्रा पर हाई कोर्ट ने रोक लगाने से किया इंकार

RSS विजयादशमी उत्सव: पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और इजरायली राजनयिक होंगे मुख्य अतिथि, कांग्रेस ने कसा तंज

India-US Trade Deal: भारत-अमेरिका ट्रेड डील का पहला चरण फाइनल, पीयूष गोयल ने दिया बड़ा अपडेट

October Bank Holiday: 17 से 21 अक्टूबर तक बैंक बंद, जानें किन राज्यों में रहेंगी छुट्टियां? देखें पूरी लिस्ट