एलन मस्क, मुकेश अंबानी (सोर्स- सोशल मीडिया)
देश

कंपटीशन से नहीं डरते... रिलायंस ने एलन मस्क को दिया करारा जवाब, बोले- भारत में नहीं होता भेदभाव

Reliance Vs Elon Musk Starlink: एलन मस्क के आरोपों पर रिलायंस इंडस्ट्रीज ने जवाब देते हुए कहा कि भारत में सैटेलाइट इंटरनेट के नियम सभी कंपनियों पर समान रूप से लागू होते हैं।

अक्षय साहू

Highlights:

  • रिलायंस ने कहा कि भारत में सैटेलाइट संचार के नियम सभी कंपनियों पर समान हैं।

  • एलन मस्क ने भारत में स्टारलिंक की शुरुआत में नियामकीय बाधाओं पर सवाल उठाए।

  • रिलायंस ने सैटेलाइट इंटरनेट बाजार में स्टारलिंक समेत सभी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा का स्वागत किया।

  • जियो की सैटेलाइट सेवाएं भी जरूरी नियामकीय मंजूरियों का इंतजार कर रही हैं।

Reliance Reply Elon Musk: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने शुक्रवार को अमेरिकी कारोबारी एलन मस्क द्वारा लगाए आरोपों का जवाब दिया। कंपनी ने कहा कि भारत में सैटेलाइट संचार सेवाओं से जुड़े नियम सभी कंपनियों पर समान रूप से लागू होते हैं। इसमें भारतीय और विदेशी कंपनियों के बीच कोई भेदभाव नहीं किया जाता। मस्क ने हाल ही में भारत में स्टारलिंक की सेवाएं शुरू करने में आ रही नियामकीय बाधाओं को लेकर सवाल उठाए थे।

रिलायंस ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि वह सैटेलाइट संचार बाजार में स्टारलिंक समेत सभी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा का स्वागत करती है। कंपनी के मुताबिक, जियो सहित इस क्षेत्र में सेवाएं देने वाली सभी कंपनियों को भारतीय उपभोक्ताओं तक अपनी सेवाएं पहुंचाने के साथ देश के कानूनों और नीतियों का पालन भी करना होगा।

समय के साथ रिलायंस ने की तरक्की

कंपनी ने कहा कि हाल के दिनों में रिलायंस और भारतीय बाजार को लेकर की गई टिप्पणियों के मद्देनजर तथ्यों को स्पष्ट करना जरूरी हो गया है। रिलायंस के मुताबिक, अन्य भारतीय कंपनियों की तरह उसका कारोबार भी ऐसे वातावरण में विकसित हुआ है, जहां निवेश और नवाचार को बढ़ावा दिया जाता है। इसमें देश में विकसित तकनीक के साथ विदेश से आने वाले नवाचार भी शामिल हैं, बशर्ते वे लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में सक्षम हों।

रिलायंस ने आगे कहा कि भारत में निवेश और नवाचार को प्रोत्साहित करने वाली व्यवस्था कानून के शासन पर आधारित है। कंपनी के अनुसार, केंद्र सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि सैटेलाइट संचार क्षेत्र में भारतीय और विदेशी आवेदकों के लिए समान प्रक्रिया अपनाई जाती है। वहीं, जियो की सैटेलाइट सेवाएं भी अभी विभिन्न नियामकीय मंजूरियों का इंतजार कर रही हैं।

प्रतिस्पर्धा से पीछे हटने का सवाल नहीं: रिलायंस

प्रतिस्पर्धा के मुद्दे पर अपना पक्ष रखते हुए रिलायंस ने कहा कि उसने कभी भी मुकाबले से बचने की कोशिश नहीं की है। कंपनी का मानना है कि प्रतिस्पर्धा से यह साबित करने का अवसर मिलता है कि कौन अपने ग्राहकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध करा सकता है।

रिलायंस ने इस संदर्भ में जियो की शुरुआत का उदाहरण दिया। कंपनी ने बताया कि वर्ष 2016 में जियो ने भारत के अत्यधिक प्रतिस्पर्धी दूरसंचार बाजार में एक नए खिलाड़ी के रूप में प्रवेश किया था। उस समय उसके पास कोई ग्राहक नहीं था। इसके बावजूद, केवल 10 वर्षों में जियो ने 53 करोड़ से अधिक ग्राहकों का विश्वास हासिल किया।

कंपनी के मुताबिक, जियो ने देश में विश्वस्तरीय डिजिटल बुनियादी ढांचे के विकास में योगदान दिया है और उपभोक्ताओं को दुनिया की सबसे किफायती डेटा सेवाओं में से एक उपलब्ध कराई है।

भारत में कहां अटका स्टारलिंक का प्रोजेक्ट?

स्टारलिंक को भारत में सैटेलाइट संचार सेवाएं देने के लिए लाइसेंस मिल चुका है। हालांकि, कंपनी को व्यावसायिक रूप से अपनी सेवाएं शुरू करने से पहले सुरक्षा संबंधी मंजूरियों समेत अन्य जरूरी स्वीकृतियां प्राप्त करनी होंगी।

स्टारलिंक की भारत में संभावित शुरुआत को लेकर पिछले सप्ताह एलन मस्क ने अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी पर निशाना साधा। मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए अंबानी को 'प्रिय प्रधानमंत्री अंबानी' कहकर संबोधित किया था। मस्क ने आरोप लगाया कि अंबानी भारत में अपना एकाधिकार बनाए रखना चाहते हैं और स्टारलिंक को भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धा करने का पर्याप्त अवसर नहीं देना चाहते। -एजेंसी इनपुट के साथ

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