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राजनाथ सिंह ने SIR और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शनों को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा।
राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ लोग बांग्लादेश जैसी घटनाओं से प्रेरित हैं।
यह देश में अराजकता फैलाकर सत्ता हथियाने की एक साजिश है।
Rajnath Singh on Rahul Gandhi: राजनाथ सिंह ने SIR और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शनों को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग बांग्लादेश जैसी घटनाओं से प्रेरित हैं।
लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, राजनीतिक हितों के लिए भारत की संवैधानिक संस्थाओं की बलि नहीं दी जा सकती। इस बात को समझना होगा।
राजनाथ सिंह ने कहा कि इस तरह से झूठा आक्रोश दिखाकर, संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश करके और राजनीतिक अवसरवाद के जरिए भारत की विकास यात्रा को प्रभावित नहीं किया जा सकता। राहुल गांधी को बाधा डालने वाली राजनीति करने के बजाय, जनमत का सम्मान करना चाहिए और अपनी राजनीतिक भूमिका पर आत्म-मंथन करना चाहिए।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "देश के युवाओं को अराजकता की राजनीति में मोहरे की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश की जा रही है। कुछ लोग बांग्लादेश की घटनाओं की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। वे खुले तौर पर स्वीकार करते हैं कि उन्हें बांग्लादेश के हालात से प्रेरणा मिली है।
वहीं कुछ अन्य लोग बेशर्मी से सरकार को गिराने की मांग कर रहे हैं। इससे यह साफ हो जाता है कि उनका एकमात्र एजेंडा लोकतांत्रिक संस्थाओं को नष्ट करना और देश में आग लगाना है। उनकी लड़ाई चुनावी सुधार के लिए नहीं है, न ही यह मामला SIR या ज्ञानेश कुमार से जुड़ा है। यह देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए भी नहीं है बल्कि, यह देश में अराजकता फैलाकर सत्ता हथियाने की एक साजिश है।"
प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पार्टी के यूपी में अस्तित्व पर ही सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने पूछा कि कांग्रेस पार्टी उत्तर प्रदेश में 37 सालों से सत्ता से बाहर है। मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि क्या समाजवादी पार्टी के बिना, आप रायबरेली में अपनी खुद की सीट जीतने की भी क्षमता रखते हैं?
इस पर उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी दावा किया कि देश को अस्थिर करने की साजिश चल रही है। संवैधानिक संस्थाओं में बदलाव करने की कोशिश भी की जा रही है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आगे बताया, राहुल गांधी ने एक बार दावा किया था कि 70 साल की एक महिला दो बार वोट देने वाली है। एक अन्य मौके पर, उन्होंने आरोप लगाया कि 35 साल की एक महिला 124 साल की वोटर है। कई बार तो उन्होंने आम नागरिकों को 'फर्जी वोटर' बताकर उन्हें बदनाम करने की भी कोशिश की। उनकी अपनी पार्टी ने कभी भी मतदाता सूची को लेकर कोई औपचारिक अपील दायर नहीं की।
रक्षा मंत्री ने खुलासा करते हुए कहा कि इसका कारण यह था कि उनके पास ऐसे दावों को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं था। हमने कभी भी संवैधानिक संस्थाओं पर शक नहीं किया। यह हमारा स्वभाव है। हमने कभी देश की चुनावी प्रणाली पर सवाल नहीं उठाए, और न ही संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करके जनता को गुमराह करने की कोशिश की। हमने हमेशा इस देश की जनता, संविधान और अपनी संवैधानिक संस्थाओं का पूरा सम्मान किया है।