Raghav Chadha PM Modi Meeting Punjab Elections: BJP सांसद राघव चड्ढा ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। अचानक हुई इस मुलाक़ात से चर्चाओं का बाज़ार गर्म हो गया है। AAP के पूर्व नेता और BJP सांसद राघव चड्ढा ने इस मुलाक़ात की तस्वीरें एक्स पर शेयर करते हुए इसे “यादगार सुबह” बताया। पंजाब विधानसभा चुनाव में इक साल से भी कम समय बचा है, इस बीच हुई इस मुलाक़ात ने राजनीतिक गलियारों में कई अटकलों को हवा दे दी है। इससे पहले शुक्रवार को शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने भी पीएम मोदी से मुलाक़ात की थी।
मालूम हो कि राघव चड्ढा ने इस साल की शुरुआत में AAP से बगावत करके छह अन्य नेताओं के साथ बीजेपी का दामन थाम लिया था। राघव चड्ढा ने पीएम मोदी से मुलाक़ात में हुई बातचीत का ब्योरा तो नहीं दिया, लेकिन इसे “ज्ञानवर्धक बातचीत” जरूर बताया है।
राघव चड्ढा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से मिलने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा कि यह एक विस्तृत और ज्ञानवर्धक बातचीत थी। उनके बहुमूल्य समय और उनसे मिली सीख व मार्गदर्शन के लिए मैं उनका दिल से आभारी हूं।
राघव चड्ढा और प्रधानमंत्री मोदी की ये बैठक ऐसे समय में हो रही है जब BJP ने विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब में अपनी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ा दी हैं। अगले साल पंजाब में चुनाव होने वाले हैं। राघव चड्ढा राज्यसभा सांसद हैं, राज्यसभा में वे पंजाब का ही प्रतिनिधित्व करते हैं। उनका पैतृक संबंध भी पंजाब के जालंधर से है, ऐसे में चुनाव में उनको अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है।
बता दें कि राघव चड्ढा AAP के शुरुआती दिनों से ही पार्टी के साथ थे लेकिन अप्रैल में एक बड़ा उलटफेर करते हुए आप के छह अन्य सांसदों के साथ बीजेपी में शामिल हो गए थे। कभी पंजाब के ‘असली मुख्यमंत्री’ कहे जाने वाले राघव चड्ढा का पार्टी से जाना AAP के लिए एक बहुत बड़ा झटका था। पंजाब ही एकमात्र ऐसा राज्य है जहां अभी AAP की सरकार है। अब BJP में आने के बाद ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि चड्ढा को कोई अहम जिम्मेदारी मिल सकती है।
राघव चड्ढा को पंजाब की चुनावी राजनीति की अच्छी समझ है और 2022 में आप की जीत में भी बड़ी भूमका थी। उनकी शहरी छवि भी BJP को अमृतसर, लुधियाना और जालंधर जैसे बड़े शहरों में अपनी पकड़ मज़बूत करने में मदद दिला सकती है। अकाली दल से अलग होने के बाद, BJP को पंजाब में कारोबारी समुदायों और मिडिल-क्लास वोटरों के बीच अपना समर्थन बढ़ाने में चुनौती का सामना करना पड़ा रहा है। ऐसे में राघव चड्ढा पार्टी के लिए मददगार साबित हो सकते हैं।