Priyanka Gandhi On Student Protest: संसद में पेपर लीक रोकने वाले बिल पर बहस के दौरान लोकसभा में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने छात्र आंदोलन को लेकर सरकार पर जमकर हमला बोला है। बिहार में प्रदर्शनकारियों पर AK-47 और दिल्ली में युवाओं पर पैलेट गन के इस्तेमाल पर गांधी ने सरकार से सवाल पूछा कि देश के युवाओं पर पैलेट गन और AK-47 चलाने की क्या जरूरत थी? क्या वे आतंकवादी थे?
पैलेट गन इस्तेमाल करने का आदेश किसने दिया? क्या यह प्रधानमंत्री ने दिया? क्या गृह मंत्री ने दिया? उन्हें जवाब देना होगा। पूरा देश पूछ रहा है। यह सिर्फ कांग्रेस पार्टी की बात नहीं है; पूरा देश जवाब मांग रहा है।
लोकसभा में बोलते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि कुछ दिन पहले हम राम मनोहर लोहिया अस्पताल गए थे। वहां दिल्ली की एक छात्रा भर्ती थी जो पुलिस लाठीचार्ज में घायल होने के बाद ICU में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही थी। हमारे पहुंचने से कुछ देर पहले ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा उससे मिलने आए थे और उनसे भी पहले एक और नेता आए थे।
उन्होंने कहा कि जब हम पहुचे तो लड़की की माँ नेताओं के बार-बार आने-जाने से परेशान हो चुकी थी। जब हम वहां पहुंचे तो लड़की की माँ ने हमसे पूछा कि आप लोग क्यों आए हैं?
गांधी ने बताया कि हाथ जोड़कर और कांपते हुए हाथों से उन्होंने कहा कि आने के लिए धन्यवाद, लेकिन मैं किसी से मिलना नहीं चाहती। मैं किसी से बात नहीं करना चाहती। उस माँ का दर्द इतना गहरा था कि उसका पूरा शरीर कांप रहा था। लेकिन बहुत दुख भरी आवाज में उसने कहा कि सुबह से ही कई बड़े नेता एक-एक करके यहां आ रहे हैं और वीडियो बना रहे हैं। यहां तक कि वे लोग भी आए जो मेरी बेटी की इस हालत के लिए जिम्मेदार हैं, क्यों?
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इससे पहले कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मीडिया से बातचीत के दौरान धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह शर्मनाक है कि किन परिस्थितियों में उन्होंने(पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान) इस्तीफा दिया और फिर यहां उनका इस प्रकार स्वागत हो रहा है मानों किसी सुपर स्टार का स्वागत हो रहा हो। इस सरकार पर कोई विश्वास नहीं कर सकता है। आप छात्रों के पीछे पड़े हुए हैं और आप उन्हें दबाना चाहते हैं।