प्रधानमंत्री आदमपुर दौरा को दौरान (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया) 
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आदमपुर के नाम से कांप जाती है पाकिस्तान की रूह, जानें PM मोदी ने एयरबेस से PAK को क्या संदेश दिया

आदमपुर एयरबेस PAK बॉर्डर के करीब है। PM ने यहां से दुनिया को बता दिया कि भारत क्या चाहता है। पीएम का दौरा न सिर्फ जवानों के प्रति सम्मान का प्रतीक है, बल्कि ये भी बताता है कि वे अपने सैनिकों से कंधे से कंधा मिलाकर खड़े।

सौरभ शर्मा

Adampur Air Base: ऑपरेशन सिंदूर की कामयाबी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पंजाब स्थित आदमपुर एयरबेस पहुंचना सिर्फ एक औपचारिक दौरा नहीं था, बल्कि यह भारत की सैन्य ताकत और रणनीतिक दृढ़ता का ऐलान था। पाकिस्तान की सीमा से महज 100 किलोमीटर दूर स्थित इस एयरबेस से पीएम मोदी ने स्पष्ट संदेश दिया कि भारत अब न तो झूठा प्रचार सहन करेगा, न ही धमकियों से डरेगा। एक वॉरटाइम कमांडर की तरह नजर आए पीएम मोदी ने न केवल जवानों का हौसला बढ़ाया, बल्कि पाकिस्तान और चीन के लिए एक नई ‘लक्ष्मण रेखा’ भी खींच दी।

प्रधानमंत्री का आदमपुर दौरा पाकिस्तान के उस झूठ को बेनकाब करने का भी जरिया बना जिसमें उसने दावा किया था कि भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम S-400 को नुकसान पहुंचाया गया है। लेकिन पीएम मोदी ने मौके पर जाकर न सिर्फ S-400 को सुरक्षित दिखाया, बल्कि एयरबेस की ऑपरेशनल तैयारियों की भी समीक्षा की। इससे यह साफ हो गया कि भारत का एयर डिफेंस सिस्टम न सिर्फ मजबूत है, बल्कि दुश्मनों की हर साजिश को नाकाम करने में पूरी तरह सक्षम है।

पाकिस्तान के लिए सीधी चेतावनी बना आदमपुर दौरा

पीएम मोदी का आदमपुर एयरबेस पहुंचना एक गहरी रणनीति का हिस्सा था। ऑपरेशन सिंदूर के बाद, जब भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के नौ आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया, तो जवाब में पाकिस्तान ने मिसाइल और ड्रोन हमलों की असफल कोशिश की। इसके बाद झूठ फैलाया गया कि भारत का S-400 सिस्टम तबाह हो गया है। लेकिन प्रधानमंत्री ने उसी एयरबेस से दुनिया को दिखा दिया कि भारत का डिफेंस सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित और एक्टिव है। यही नहीं, पीएम ने चेतावनी दी कि अब एटम बम की धमकी नहीं चलेगी, और अगर आतंक फैलाया गया तो घर में घुसकर मारा जाएगा।

क्यों आदमपुर एयरबेस है भारत की सैन्य शक्ति का प्रतीक

आदमपुर एयरबेस सिर्फ एक सैन्य ठिकाना नहीं, बल्कि भारत की वायु शक्ति का मजबूत आधार है। यह देश का दूसरा सबसे बड़ा एयरबेस है और मिग-29, सुखोई-30, राफेल और मिराज जैसे घातक फाइटर जेट्स का गढ़ है। 1965, 1971 और कारगिल युद्ध में इसने अहम भूमिका निभाई थी और अब ऑपरेशन सिंदूर में भी यहां से उड़ान भरकर भारतीय वायुसेना ने दुश्मन के दिलों में खौफ भर दिया। प्रधानमंत्री का यहां पहुंचना साफ संकेत है कि भारत अब सिर्फ शब्दों से नहीं, बल्कि कार्रवाई से जवाब देगा।

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