PM Narendra Modi On US Independence Day 2026: अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी नागरिकों को शुभकामनाएं देते हुए भारत-अमेरिका संबंधों को वैश्विक भलाई की एक मजबूत शक्ति बताया। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में दोनों देशों की साझेदारी और मजबूत होगी तथा वैश्विक शांति, समृद्धि और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस अवसर पर न्यूयॉर्क स्थित भारतीय मिशन ने भी अमेरिकी नागरिकों को शुभकामनाएं दीं और दोनों देशों की साझा लोकतांत्रिक विरासत को रेखांकित किया। वहीं भारतीय नौसेना का प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी भी अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहा है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते समुद्री सहयोग और रणनीतिक संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने भारत और अमेरिका के संबंधों पर जोर देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच केवल रणनीतिक साझेदारी ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र, कानून के शासन और लोगों की असीम क्षमता में साझा विश्वास भी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यही मूल्य भारत-अमेरिका की मित्रता को वैश्विक भलाई की एक मजबूत शक्ति बनाते हैं। उन्होंने अमेरिका के लिए आने वाले 250 वर्षों में और अधिक समृद्धि, शांति और प्रगति की कामना करते हुए भारत-अमेरिका साझेदारी के नई ऊंचाइयों तक पहुंचने की उम्मीद जताई।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए अपने संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 1.4 अरब भारतीयों की ओर से वह अमेरिका को इस ऐतिहासिक अवसर पर हार्दिक बधाई देते हैं। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्ते केवल रणनीतिक साझेदारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लोकतंत्र, कानून के शासन और लोगों की असीम क्षमता में साझा विश्वास जैसे मूल्यों पर आधारित हैं।
तो वहीं इस अवसर पर न्यूयॉर्क स्थित भारतीय मिशन ने भी अमेरिकी नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। मिशन ने अपने संदेश में कहा कि भारत और अमेरिका "वी द पीपल", स्वतंत्रता, आजादी और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति साझा प्रतिबद्धता का उत्सव मनाते हैं।
वहीं, अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए भारतीय नौसेना ने आईएनएस सुदर्शिनी को अमेरिका भेजा है। भारतीय नौसेना ने कहा कि समुद्री अभियान लोकायन-26 के तहत आईएनएस सुदर्शिनी न्यूयॉर्क के लिए रवाना हुई है। यह अभियान भारत की समृद्ध समुद्री विरासत और विभिन्न देशों के साथ समुद्री सहयोग, सद्भावना तथा आपसी विश्वास को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
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दरअसलकी रक्षा मंत्रालय की जानकारी के अनुसार, आईएनएस सुदर्शिनी पिछले सप्ताह बाल्टीमोर बंदरगाह पहुंची थी। यह बड़ा जलयान, 26 जून को वर्जीनिया के नॉरफॉक से रवाना होकर ऐतिहासिक चेसापीक एंड डेलावेयर (सी एंड डी) नहर से होते हुए बाल्टीमोर पहुंचा।
इससे पहले 19 से 23 जून तक आईएनएस सुदर्शिनी (INS Sudarshini) ने नॉरफॉक में आयोजित सेल 250 वर्जिनिया समारोह में भी भाग लिया, जहां उसने दुनिया के विभिन्न देशों के पारंपरिक नौकायन जहाजों के साथ परेड ऑफ सेल और सिटी क्रू परेड में भारत का प्रतिनिधित्व किया।