नई दिल्ली: मध्य प्रदेश की खंडवा लोकसभा सीट से सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने मंगलवार को संसद में प्रधानमंत्री मोदी से भेंट की। इस मुलाकात के दौरान उनका परिवार भी उनके साथ था। जहां पीएम मोदी ने उनकी प्रपौत्री की जानकी पाटिल को आशीर्वाद भी दिया। इस दौरान ज्ञानेश्वर पाटिल ने कोविड काल से बंद ताप्ती मिल को दोबारा शुरू करने का भी अनुरोध किया है।
मंगलवार को संसद भवन हुंई खंडवा सांसद और पीएम मोदी की मुलाकात के दौरान उनके साथ उनकी पत्नी व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जयश्री ज्ञानेश्वर पाटिल भी मौजूद रहीं। इसके अलावा परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। वहीं इस मुलाकात के दौरान ज्ञानेश्वर पाटिल के ताप्ती मिल को आर्थिक मदद देकर दोबारा शुरू करने वाले मांग पत्र समेत अन्य मुद्दों पर पीएम मोदी ने विचार कर निर्णय लेने की बात कही।
सांसद ने प्रधानमंत्री को पत्र सौंपकर मांग की कि मेरे संसदीय क्षेत्र खंडवा के अंतर्गत विधानसभा बुरहानपुर में उपनगर लालबाग बुरहानपुर में राष्ट्रीय वस्त्र निगम की इकाई बुरहानपुर ताप्ती मिल संचालित है। इस मिल को केंद्र सरकार ने 100 करोड़ रुपए देकर आधुनिकीकरण किया। जिससे इस मिल में प्रतिदिन 800 श्रमिकों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला। इस मिल पर लगभग 1200 परिवार अप्रत्यक्ष रूप से आधारित हैं।
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एनटीसी द्वारा संचालित 25 मिलों में ताप्ती मिल नंबर वन थी। 2020 में कोरोना महामारी के कारण इस मिल का संचालन बंद कर दिया गया था। इस मिल के बंद होने से 1200 परिवार प्रभावित हो रहे हैं। इसलिए आम लोगों की परेशानी को देखते हुए ताप्ती मिल का संचालन पुनः शुरू कराने में सहयोग करें। जिससे क्षेत्र के लगभग 1200 परिवारों को रोजगार उपलब्ध हो सकेगा। सांसद पाटिल ने नेपा मिल से संबंधित विषय पर प्रधानमंत्री मोदी को पत्र सौंपकर अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि नेपा लिमिटेड नेपानगर आदिवासी विकासखंड खकनार जिला बुरहानपुर की तहसील नेपानगर में स्थित है तथा इस अति पिछड़े खंडवा संसदीय क्षेत्र की नेपानगर विधानसभा के लगभग 100 गांवों की 50 हजार आबादी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से इस कारखाने पर निर्भर है। अर्थव्यवस्था की धुरी होने के कारण यह रोजगार का एकमात्र साधन है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 में इस संस्थान में लगभग 2000 श्रमिक कार्यरत थे, जिनमें से आज केवल 141 नियमित श्रमिक ही बचे हैं।
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इस कारखाने को भारत सरकार द्वारा वर्ष 2012 एवं 2018 में जीर्णोद्धार के लिए 625 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता दी गई थी। जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण होने के पश्चात इस मिल ने वर्ष 2022 से व्यावसायिक उत्पादन एवं विक्रय प्रारंभ कर दिया है। जीर्णोद्धार के पश्चात कार्यशील पूंजी के अभाव में कारखाना अपनी पूर्ण क्षमता से उत्पादन करने में असमर्थ है। अतः उत्पादन प्रक्रिया को जारी रखने के लिए 150 करोड़ रुपए की कार्यशील पूंजी की वित्तीय सहायता प्रदान करें।