प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  सोर्स-IANS
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PM मोदी ने सचिवों को दी नई कार्यशैली की सीख, डेटा, AI और समन्वय को बताया भविष्य की कुंजी

PM Modi Cabinet Secretary Meeting: PM मोदी ने सचिवों की हाई लेवल बैठक में विभागों के बीच तालमेल बढ़ाने, AI व डेटा के बेहतर उपयोग और दीर्घकालिक विकास दृष्टि के साथ काम करने की सलाह दी।

करुणा नंद शाहवाल

PM Narendra Modi High Level Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अपने आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर भारत सरकार के सचिवों के साथ तीसरी हाई लेवल बैठक की। बैठक में बुनियादी ढांचा, कनेक्टिविटी, सुरक्षा, विदेश नीति और सुशासन से जुड़े मंत्रालयों के भविष्य के एजेंडे पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे केवल मौजूदा चुनौतियों तक सीमित न रहें, बल्कि भारत के विकास के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाएं।

उन्होंने विभागों के बीच समन्वय की कमी यानी ‘साइलो’ को सरकार की बड़ी चुनौती बताते हुए इसे दूर करने पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कोविड-19 और पश्चिम एशिया संकट के दौरान मंत्रालयों के बेहतर तालमेल का उदाहरण देते हुए कहा कि यही कार्य संस्कृति स्थायी बननी चाहिए। उन्होंने डेटा इंटरऑपरेबिलिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के संतुलित उपयोग, युवाओं की भागीदारी, रक्षा नवाचार और पोर्ट-लेड डेवलपमेंट को भी भविष्य की प्राथमिकताओं में शामिल करने का आह्वान किया।

AI का प्रभावी इस्तेमाल करने पर जोर

प्रधानमंत्री ने कोविड-19 महामारी और पश्चिम एशिया संकट का उदाहरण देते हुए कहा कि उस दौरान विभिन्न मंत्रालयों और विभागों ने बेहतर समन्वय के साथ काम किया था। उन्होंने कहा कि ऐसी समन्वय व्यवस्था सरकार की कार्य संस्कृति का स्थायी हिस्सा बननी चाहिए।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग पर प्रधानमंत्री ने कहा कि एआई का प्रभावी इस्तेमाल किया जाए, लेकिन मानव हस्तक्षेप और निर्णय क्षमता भी बनी रहनी चाहिए। उन्होंने एआई और मानवीय विशेषज्ञता को साथ जोड़कर नए समाधान विकसित करने पर जोर दिया।

डेटा इंटरऑपरेबिलिटी को बताया बड़ी जरूरत

उन्होंने कहा कि डेटा देश की महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संपत्ति और भविष्य का संसाधन है। सरकार डेटा जुटाने, सुरक्षित रखने और प्रबंधन पर बड़े संसाधन खर्च करती है, लेकिन विभागीय अलगाव और बिखरी प्रणालियों के कारण उसकी पूरी क्षमता का उपयोग नहीं हो पाता। उन्होंने डेटा इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर डेटा साझाकरण की आवश्यकता बताई।

नवाचार और युवाओं की भागीदारी पर दिया विशेष जोर

प्रधानमंत्री ने नीति निर्माण में नए विचार लाने के लिए सरकारी विभागों, विश्वविद्यालयों और युवाओं के बीच अधिक संवाद बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं और शिक्षण संस्थानों की भागीदारी से नए और अपरंपरागत विचार सामने आ सकते हैं।

रक्षा क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने की जरूरत पर बल देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के रक्षा उद्योग को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाया जाना चाहिए। इसके लिए रक्षा शिक्षा और मानव संसाधन विकास को भी मजबूत करना होगा।

पोर्ट-लेड डेवलपमेंट की समीक्षा के निर्देश

समुद्री क्षेत्र पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जहाज निर्माण को पहले ही बुनियादी ढांचे का दर्जा दिया जा चुका है और अब मिशन मोड में इसकी प्रगति की समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने बंदरगाह विकास से आगे बढ़कर पोर्ट-लेड डेवलपमेंट की दिशा में काम करने पर जोर दिया।

उन्होंने विनिर्माण इकाइयों और निर्यातोन्मुख उद्योगों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने की आवश्यकता भी बताई, ताकि भारत की विनिर्माण और निर्यात क्षमता को समुद्री बुनियादी ढांचे का पूरा लाभ मिल सके।

PM मोदी ने सचिवों के साथ हाई लेवल बैठक की

बैठक के अंत में प्रधानमंत्री ने पूरे सरकार तंत्र के समन्वित दृष्टिकोण, नवाचार, सामूहिक जिम्मेदारी और बेहतर टीम भावना पर जोर दिया। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से कनिष्ठ

अधिकारियों के साथ अधिक अनौपचारिक संवाद और विभिन्न कैडरों व विभागों के बीच मजबूत नेटवर्क विकसित करने का भी आग्रह किया। बैठक में कैबिनेट सचिव, प्रमुख मंत्रालयों और विभागों के सचिव तथा प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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