PM Modi Foreign Visits Expenses 2021-26: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरों पर होने वाले खर्च को लेकर संसद में सरकार ने विस्तृत जानकारी साझा की है। राज्यसभा में विदेश राज्य मंत्री शाबिस्ता पबित्र मार्घेरिटा ने लिखित जवाब में वर्ष 2021 से जुलाई 2026 तक प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं, उन पर हुए खर्च और विभिन्न देशों के साथ हुए प्रमुख समझौतों का विवरण प्रस्तुत किया।
सरकार के मुताबिक, 2021 से जुलाई 2026 तक प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर लगभग 557 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि कुछ यात्राओं के बिलों का भुगतान अभी लंबित है, इसलिए अंतिम राशि में बदलाव संभव है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में 2025 प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं के लिहाज से सबसे खर्चीला वर्ष रहा। इस दौरान विभिन्न देशों की यात्राओं पर करीब 187.83 करोड़ रुपये खर्च हुए। 2025 में प्रधानमंत्री ने फ्रांस, अमेरिका, मॉरीशस, थाईलैंड, श्रीलंका, सऊदी अरब, साइप्रस, कनाडा, क्रोएशिया, घाना, त्रिनिदाद एवं टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राज़ील, नामीबिया, ब्रिटेन, मालदीव, चीन, जापान, भूटान, दक्षिण अफ्रीका, जॉर्डन, ओमान और इथियोपिया समेत कई देशों का दौरा किया।
2025 की प्रमुख यात्राओं पर खर्च-
फ्रांस – ₹25.60 करोड़
ब्राज़ील – ₹17.72 करोड़
अमेरिका – ₹16.55 करोड़
सऊदी अरब – ₹15.54 करोड़
चीन – ₹10.60 करोड़
ब्रिटेन – ₹9.92 करोड़
साल 2024 में प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्राओं पर करीब 109.51 करोड़ रुपये खर्च हुए। इस दौरान उन्होंने यूएई, कतर, भूटान, इटली, रूस, ऑस्ट्रिया, पोलैंड, यूक्रेन, ब्रुनेई, सिंगापुर, अमेरिका, लाओस, नाइजीरिया, ब्राज़ील, गुयाना और कुवैत का दौरा किया।
2024 की प्रमुख यात्राओं पर खर्च-
अमेरिका – ₹15.34 करोड़
इटली – ₹14.37 करोड़
रूस (अक्टूबर यात्रा) – ₹10.75 करोड़
पोलैंड – ₹10.10 करोड़
सिंगापुर – ₹7.75 करोड़
2021- ₹36.12 करोड़
2022- ₹55.83 करोड़
2023- ₹93.63 करोड़
2024- ₹109.51 करोड़
2025- ₹187.83 करोड़
2026 (जुलाई तक)- ₹74.59 करोड़*
सरकार के अनुसार, 2026 की कुछ यात्राओं के बिल अभी बाकी हैं और जून 2026 की फ्रांस यात्रा का खर्च अभी शामिल नहीं किया गया है।
2021: प्रधानमंत्री ने बांग्लादेश, अमेरिका, इटली और ब्रिटेन का दौरा किया। कुल ₹36.12 करोड़ खर्च हुए। सबसे अधिक 22–26 सितंबर की अमेरिका यात्रा पर ₹19.63 करोड़ खर्च हुए।
2022: जर्मनी, डेनमार्क, फ्रांस, नेपाल, जापान (दो बार), उज्बेकिस्तान, यूएई और इंडोनेशिया की यात्राओं पर ₹55.83 करोड़ खर्च हुए। सबसे महंगी जर्मनी यात्रा रही, जिस पर ₹14.47 करोड़ खर्च हुए।
2023: जापान, ऑस्ट्रेलिया, पापुआ न्यू गिनी, अमेरिका, मिस्र, फ्रांस, यूएई, दक्षिण अफ्रीका, ग्रीस और इंडोनेशिया सहित कई देशों की यात्राओं पर ₹93.63 करोड़ खर्च हुए। सबसे अधिक अमेरिका (जून) यात्रा पर ₹22.89 करोड़ खर्च हुए।
2024: कुल ₹109.51 करोड़ खर्च हुए। रूस की दो यात्राओं पर मिलाकर ₹16 करोड़ से अधिक और सितंबर की अमेरिका यात्रा पर ₹15.33 करोड़ खर्च हुए।
2025: अब तक का सबसे अधिक ₹187.83 करोड़ खर्च दर्ज किया गया। सबसे महंगी फ्रांस यात्रा रही, जिस पर ₹25.59 करोड़ खर्च हुए।
2026 (जुलाई तक): मलेशिया, इज़राइल, यूएई, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे, इटली, स्लोवाकिया, सेशेल्स, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्राओं पर अब तक ₹74.59 करोड़ खर्च हुए हैं। सरकार ने कहा है कि कुछ भुगतान अभी बाकी हैं, इसलिए अंतिम आंकड़ा बढ़ सकता है।