मोदी सरकार की 10 सबसे बड़ी योजनाएं  (AI जनरेटेड इमेज)
देश

PM Modi Birthday: इन योजनाओं से बदली करोड़ों लोगों की जिंदगी, जानिए आम आदमी को क्या मिला

Modi Govt Top 10 Schemes: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर सरकार की प्रमुख योजनाओं पर नजर, जिनका सीधा संबंध किसान, गरीब, महिलाओं, युवाओं और छोटे कारोबारियों से है।

अक्षय साहू

PM Narendra Modi Birthday: देश के प्रधानमंत्री के रुप में नरेंद्र मोदी से लोगों को बड़ी उम्मीदें हैं। आज उनके 76वें जन्मदिन के मौके पर उनके कई ऐसे कार्यों को याद किया जा रहा है, जिससे उनकी आम जनता में अच्छी छवि बनी है। आज के दिन केंद्र सरकार की उन प्रमुख योजनाओं को समझना चाहिए,  जिनका सीधा संबंध किसान, गरीब परिवार, महिलाओं, ग्रामीण घरों, छोटे कारोबारियों, युवाओं और आम उपभोक्ताओं से है। इन योजनाओं का असर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रूप में दिखाई देता है। 

भारत सरकार से समय समय पर जानकारी व सरकारी आंकड़ों के मुताबिक PM-KISAN, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत, जनधन, मुद्रा और कौशल विकास जैसी योजनाओं के तहत करोड़ों लाभार्थियों तक सुविधाएं या आर्थिक सहायता पहुंची है, जिसकी वजह से देश के साथ-साथ दुनिया के सर्वाधिक लोकप्रिय नेताओं में शुमार हैं। आइए डालते हैं इन योजनाओं पर एक नजर...

1. PM-KISAN: किसानों के खाते में सीधे पहुंचती है आर्थिक मदद

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि यानी PM-KISAN छोटे और सीमांत समेत पात्र भूमिधारक किसान परिवारों को सीधे आर्थिक सहायता देने वाली प्रमुख योजनाओं में शामिल है। योजना 1 दिसंबर 2018 से लागू है और इसके तहत पात्र किसान परिवार को सालाना 6 हजार की सहायता तीन बराबर किस्तों में DBT के जरिए बैंक खाते में दी जाती है। 2026 में इसकी 22वीं किस्त के तहत 9.32 करोड़ से ज्यादा किसान परिवारों को 18,640 करोड़ रुपए से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई। इसके बाद 20 जून 2026 को 23वीं किस्त जारी हुई, जिसमें 9.49 करोड़ से ज्यादा किसानों को 18,984 करोड़ से अधिक राशि जारी की गयी है।

PM-KISAN योजना से 9.32 करोड़ किसान परिवारों को मिली आर्थिक सहायता

किसानों के लिए इस योजना का सबसे बड़ा व्यावहारिक पहलू यह है कि सहायता सीधे बैंक खाते में पहुंचती है। इससे बीज, खाद, कीटनाशक और खेती से जुड़े छोटे खर्चों का बोझ कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि यह पूरी खेती की लागत को कवर करने वाली योजना नहीं है, बल्कि पात्र किसानों को आर्थिक सहायता देने का माध्यम है। योजना में लाभ पाने वाले किसान परिवारों की पहचान राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासन की ओर से तय पात्रता के आधार पर की जाती है और उसी आधार पर लाभ दिया जाता है। 

2. प्रधानमंत्री आवास योजना: गरीब परिवारों को पक्के घर का सहारा

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 26 मार्च 2026 तक PMAY-G के तहत कुल 3.90 करोड़ घर स्वीकृत किए जा चुके थे और 2.99 करोड़ घर पूरे हो चुके थे। 12 अगस्त 2026 तक उपलब्ध सरकारी आंकड़ों में स्वीकृत घरों की संख्या 3.91 करोड़ से ज्यादा और पूरे हो चुके घरों की संख्या 3.13 करोड़ से ज्यादा बताई गई है।

प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब परिवारों को मिले पक्के मकान

शहरी गरीब और मध्यम आय वर्ग के लिए भी प्रधानमंत्री आवास योजना का शहरी हिस्सा है। जुलाई 2026 तक PMAY-U के तहत देशभर में 1.27 करोड़ से ज्यादा घर स्वीकृत किए गए थे, जिनमें 1.21 करोड़ से ज्यादा घर निर्माणाधीन हैं, जबकि करीब 99.07 लाख घर पूरे हो चुके है या लाभार्थियों को दिए जा चुके हैं। योजना के लाभार्थियों के लिए पक्का घर केवल रहने की जगह नहीं बल्कि एक स्थायी संपत्ति और बेहतर जीवन जीने का आधार भी बनता है। ग्रामीण क्षेत्र में घर मिलने से परिवारों को कच्चे और असुरक्षित आवास से राहत मिलती है।

3. आयुष्मान भारत: बीमारी के बड़े खर्च से राहत की कोशिश

आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) का उद्देश्य पात्र गरीब और कमजोर परिवारों को अस्पताल में इलाज के दौरान आर्थिक मदद करना है। इसके साथ-साथ परिवार पर बढ़ने वाले आर्थिक कर्ज को बढ़ने से रोकना है। योजना के तहत पात्र परिवार को हर साल 5 लाख तक का स्वास्थ्य कवर मिलता है। आपको याद होगा कि 2026 में भी इसका दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। 12 अगस्त 2026 तक सरकार के अनुसार 45.51 करोड़ से ज्यादा आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके थे और देशभर में 1.86 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर इसके लिए एक्टिव बताए जा रहे हैं। 

आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना

28 फरवरी 2026 तक AB-PMJAY के तहत 11.69 करोड़ लोग अस्पताल भर्ती हो चुके थे, जिनके इलाज की कुल राशि करीब 1.73 लाख करोड़ रुपए थी। इनमें 6.74 करोड़ से अधिक लोग भर्ती निजी अस्पतालों में होकर अपना इलाज करवाए थे। इसका सीधा मतलब यह है कि पात्र लाभार्थियों के लिए गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में इलाज के खर्च का बड़ा हिस्सा योजना के दायरे में आ रहा है। साल 2026 के आंकड़ों में आयुष्मान कार्ड के साथ डिजिटल हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर भी तेजी से बढ़ा है और तमाम लोगों को इसके दायरे में लाने की पहल की जा रही है।

4. उज्ज्वला योजना: धुएं वाले चूल्हे से LPG तक पहुंच

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) को खास तौर पर गरीब परिवारों की महिलाओं धुएं से मुक्ति दिलाने व स्वच्छ तरीके से खाना पकाने का अवसर देने के उद्देश्य से शुरु किया गया था। इसके लिए गरीब परिवारों के घर में एलपीजी ईंधन पहुंचाने की कोशिश की गयी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अगस्त 2026 तक गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों की महिलाओं को 10.57 करोड़ से अधिक LPG कनेक्शन दिए जा चुके हैं। अप्रैल 2014 में देश में कुल LPG कनेक्शनों की संख्या करीब 14.52 करोड़ थी, जो 2026 में बढ़कर 33.39 करोड़ हो गई।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को चूल्हे के काले धुऐं से मिली राहत

आपको बता दें कि भारत सरकार की उज्ज्वला का असर सिर्फ कनेक्शन मिलने तक सीमित नहीं है। योजना का उद्देश्य लकड़ी, उपले और अन्य पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करना भी रहा है। सरकारी जानकारी के अनुसार 2024-25 में PMUY लाभार्थियों की औसत LPG खपत बढ़कर करीब 4.43 सिलेंडर प्रति वर्ष पहुंच गई थी। 2025-26 में पात्र लाभार्थियों के लिए 14.2 किलो सिलेंडर पर 300 रुपए की सब्सिडी दी जाती है। यह साल में अधिकतम नौ रिफिल तक के लिए मंजूर की गयी है। इसकी लाभार्थी मुख्य रूप से गरीब परिवारों की महिलाएं हैं, जिनके नाम पर कनेक्शन दिया जाता है।

5. जल जीवन मिशन: गांवों के घरों तक पहुंचा नल का पानी

जल जीवन मिशन यानी हर घर जल ग्रामीण परिवारों को पाइप के जरिए पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अगस्त 2019 में शुरू किया गया था। योजना शुरू होने के समय देश के ग्रामीण क्षेत्रों में सिर्फ 3.23 करोड़ यानी करीब 16.7 प्रतिशत घरों में नल से पानी की सुविधा थी। 18 जुलाई 2026 तक यह संख्या बढ़कर करीब 15.89 करोड़ ग्रामीण घरों तक हो गयी, जो कुल आबादी की लगभग 82.09 प्रतिशत थी। अगस्त 2026 में जारी सरकारी अपडेट के अनुसार यह संख्या 15.91 करोड़ से ज्यादा तक पहुंच चुकी थी। साथ ही साथ कवरेज का दायरा बढ़कर 82.24 प्रतिशत से अधिक हो गया था।

जल जीवन मिशन के तहत 15.89 करोड़ ग्रामीण घरों नल की सुविधा

इस योजना का लाभ विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है। सरकार के अनुसार जून 2026 तक नल से पानी की सुविधा से 9 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को पानी लाने की रोजाना की मेहनत से राहत मिलने का अनुमान बताया गया। 2026 में 2 लाख से ज्यादा गांवों को ‘हर घर जल’ के रूप में प्रमाणित किए जाने की जानकारी भी दी गई। इस योजना में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों तक भी नल कनेक्शन पहुंचाए गए हैं। हालांकि यहां यह समझना जरूरी है कि कनेक्शन उपलब्ध होना और नियमित, गुणवत्तापूर्ण पानी मिलना अलग-अलग पहलू हैं; सरकार ने अब योजना के अगले चरण में सेवा की निरंतरता और रखरखाव पर भी जोर दिया है।

6. स्वच्छ भारत मिशन: शौचालय से स्वच्छता और कचरा प्रबंधन तक

स्वच्छ भारत मिशन ने देश में घरेलू शौचालय निर्माण और स्वच्छता को बड़े स्तर पर अभियान का रूप दिया। ग्रामीण क्षेत्र में 12 अगस्त 2026 तक 12.19 करोड़ से ज्यादा व्यक्तिगत घरेलू शौचालय बनाए जाने का सरकारी आंकड़ा है। भारत को 2019 में खुले में शौच से मुक्त यानी ODF घोषित किया गया था। अब मिशन का फोकस सिर्फ शौचालय निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि ठोस और तरल कचरा प्रबंधन तथा ODF-प्लस मॉडल गांवों पर भी है।

पीएम मोदी ने स्वच्छता को बनाया देश का अहम हिस्सा

लाभार्थियों के लिहाज से देखें तो शौचालय की सुविधा का सबसे सीधा असर ग्रामीण परिवारों पर पड़ा है। खासकर महिलाओं और बच्चों के लिए घर में शौचालय उपलब्ध होना सुविधा, निजता और सुरक्षा से जुड़ा विषय है। मार्च 2026 तक सरकारी आंकड़ों में करीब 4.94 लाख गांवों को ODF-प्लस मॉडल घोषित किए जाने की जानकारी दी गई थी। साथ ही 5.28 लाख गांवों में ठोस कचरा प्रबंधन और 5.45 लाख गांवों में तरल कचरा प्रबंधन की व्यवस्था दर्ज थी। इस तरह योजना का अगला चरण स्वच्छता को व्यवहार और स्थानीय कचरा प्रबंधन से जोड़ने की दिशा में है।

7. जनधन योजना: बैंकिंग से जुड़े करोड़ों नए खाते

प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) ने बैंकिंग सुविधा से दूर लोगों को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने में भूमिका निभाई। 12 अगस्त 2026 तक सरकारी आंकड़ों के अनुसार जनधन खातों और लाभार्थियों की संख्या 58.90 करोड़ तक पहुंच गई थी। जुलाई 2026 के आंकड़ों के अनुसार 58.63 करोड़ से अधिक जनधन खाते खुले थे और इनमें जमा राशि ₹3 लाख करोड़ से अधिक थी। योजना के तहत बचत खाता, रुपे डेबिट कार्ड, बीमा और कुछ पात्र खाताधारकों के लिए ओवरड्राफ्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

जनधन योजना से गरीबों के लिए बैकिंग हुई आसान

आम लाभार्थी के लिए इसका सबसे बड़ा फायदा बैंकिंग व्यवस्था तक पहुंच है। पहले सरकारी सहायता पाने के लिए कई लोगों को बैंक खाता नहीं होने जैसी समस्या होती थी। जनधन खाते, आधार और मोबाइल को जोड़कर बना JAM ढांचा DBT व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण आधार बना। 10 अगस्त 2026 तक विभिन्न सरकारी DBT योजनाओं के माध्यम से कुल 52.89 लाख करोड़ रुपए का ट्रांसफर किया गया था। इससे सरकारी सहायता को सीधे बैंक खातों तक पहुंचाने की व्यवस्था को विस्तार मिला है।

8. मुद्रा योजना: छोटे कारोबारियों को बिना गारंटी ऋण

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) छोटे कारोबारियों, दुकानदारों, सेवा क्षेत्र, अपने उद्योग से कारोबार करने और कृषि से जुड़े छोटे व्यवसायों के लिए बैंक लोन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई। 26 जून 2026 तक योजना के तहत 59.14 करोड़ ऋण मंजूर किए जा चुके थे, जिनकी कुल राशि करीब 41.71 लाख करोड़ रुपए थी। योजना के तहत पात्र गैर-कॉरपोरेट, गैर-कृषि सूक्ष्म और छोटे उद्यमों को बिना गारंटी के लोन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गयी है, ताकि कोई भी योजना का लाभ उठाकर स्वरोजगारी बन सके।

PM मुद्रा योजना छोटे कारोबारियों को मिला लाभ

इस योजना के लाभार्थियों में छोटे दुकानदार, स्वरोजगार करने वाले लोग, सर्विस प्रोवाइडर, छोटे विनिर्माता और कृषि से जुड़े कारोबार करने वाले लोग शामिल हैं। मुद्रा योजना में शिशु, किशोर, तरुण और तरुण प्लस जैसी श्रेणियां हैं, जो कारोबार के स्तर और जरूरत के अनुसार ऋण की सुविधा से जुड़ी हैं। आंकड़ों के अनुसार 2016 में जहां ऋणों की संख्या करीब 3.49 करोड़ थी, वहीं जुलाई 2026 तक यह संख्या 59.14 करोड़ से ज्यादा हो चुकी थी।

9. डिजिटल भुगतान और DBT: सरकारी मदद सीधे खाते में

पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल भुगतान, आधार आधारित पहचान, मोबाइल और जनधन खातों ने सरकारी योजनाओं की डिलीवरी को बदलने में भूमिका निभाई है। JAM यानी जनधन-आधार-मोबाइल ढांचे के जरिए कई सरकारी लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजे जाते हैं। 10 अगस्त 2026 तक सरकारी आंकड़ों के अनुसार 320 योजनाओं और 56 मंत्रालयों के माध्यम से कुल DBT ट्रांसफर करीब 52.89 लाख करोड़ रुपए तक किया गया था।

डिजिटल भुगतान जरिए जनता पहुंचाई सरकारी मदद

आम आदमी योजनाओं के जरिए मिलने वाली आर्थिक सहायता को सीधे बैंक खाते में पहुंचाने में मदद मिल रही है, जिससे बिचौलियों व दलालों से मुक्ति मिलने लगी है। इसी डिजिटल इकोसिस्टम ने UPI और अन्य डिजिटल भुगतान प्रणालियों के विस्तार के लिए भी आधार तैयार किया। हालांकि हर योजना में पात्रता, दस्तावेज और भुगतान की शर्तें अलग होती हैं। इसलिए लाभार्थी को सरकारी पोर्टल या संबंधित विभाग से अपनी पात्रता और भुगतान की स्थिति की पुष्टि करनी चाहिए।

10. कौशल विकास: युवाओं को रोजगार योग्य बनाने पर जोर

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) का उद्देश्य युवाओं को उद्योग और रोजगार की जरूरत के अनुसार कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक स्थापना से जून 2026 तक 1.64 करोड़ से ज्यादा युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशिक्षण में पारंपरिक ट्रेड के साथ-साथ AI, रोबोटिक्स, ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी जैसे उभरते क्षेत्रों को भी शामिल किया जा रहा है।

पीएम कौशल विकास योजना से युवाओं को किया सशक्त

योजना का लाभ खास तौर पर ऐसे युवाओं को मिलता है जो रोजगार बाजार में प्रवेश करना चाहते हैं या अपने मौजूदा कौशल को बेहतर बनाना चाहते हैं। स्किल इंडिया डिजिटल हब को भी इस व्यवस्था से जोड़ा गया है। अगस्त 2026 तक इस प्लेटफॉर्म पर 2.01 करोड़ से अधिक रजिस्ट्रेशन और 3,643 सेल्फ-पेस्ड कोर्स उपलब्ध होने की जानकारी दी गई थी। इसके अलावा जन शिक्षण संस्थान के माध्यम से मार्च 2026 तक 36.48 लाख लोगों को प्रशिक्षण दिए जाने का सरकारी आंकड़ा है।

इन 10 योजनाओं को एक साथ देखें तो इनके लाभार्थियों का दायरा काफी व्यापक है। PM-KISAN किसानों, PMAY गरीब परिवारों, आयुष्मान भारत मरीजों और पात्र परिवारों, उज्ज्वला महिलाओं, जल जीवन मिशन ग्रामीण परिवारों, स्वच्छ भारत आम परिवारों, जनधन बैंकिंग से वंचित लोगों, मुद्रा छोटे कारोबारियों, DBT सरकारी सहायता पाने वाले लाभार्थियों और कौशल विकास युवाओं से जुड़ा है।

हालांकि सरकारी आंकड़े योजना की पहुंच और उपलब्धियों को बताते हैं कि मोदी सरकार पहले की सरकारों अधिक लाभकारी सिद्ध हो रही है। इसलिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनके जन्मदिन के मौके पर इन योजनाओं के लाभार्थी दुआ दे रहे हैं।

UPI फीस को लेकर सियासत तेज, राहुल ने इंदिरा गांधी का नाम लेकर सरकार को लताड़ा, बोले- ट्रंप के सामने झुके PM

क्या है झीरम घाटी हत्याकांड? 13 साल बाद NIA कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला, सभी 10 दोषियों को फांसी की सजा

भारत पर 100% टैरिफ का खतरा, खरगे ने PM मोदी को घेरा, बोले- सरकार की विदेश और व्यापार नीति बुरी तरह फेल

पीएम मोदी करेंगे सेमीकॉन इंडिया के पांचवें संस्करण का उद्घाटन, 52 देशों के प्रतिनिधि लेंगे हिस्सा

वीर सैनिकों के सम्मान में रक्षा मंत्रालय की विशेष पहल, आजीवन रेल यात्रा की सुविधा; परिवार भी उठाएंगे लाभ