नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट (2026-2029) के अनुरूप कार्रवाई
नशे के कारोबार के साथ तस्करी गिरोहों के वित्तीय तंत्र पर प्रहार
हवाला लेनदेन और अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई से तस्करी नेटवर्क कमजोर करने की रणनीति
Operation Trident: 1,424 ank Accounts Frozen; Transactions Worth100 Crore Uncovered: नशीले पदार्थों के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए केंद्र सरकार ने ऑपरेशन ट्राइडेंट के तहत असम, मिजोरम और मणिपुर में व्यापक छापेमारी की। गृह मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 23 अक्टूबर को 38 टीमों ने तीनों राज्यों में एक साथ 38 ठिकानों पर कार्रवाई की। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोहों और उनके वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त करना था।
गृह मंत्रालय के मुताबिक, इस कार्रवाई के दौरान करीब 100 करोड़ रुपये के हवाला लेनदेन का पता चला। इसके अलावा, 1,424 बैंक खातों को फ्रीज किया गया और 17.82 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई। छापेमारी के दौरान 500 डेटोनेटर और 12 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए।
गृह मंत्रालय ने कहा कि ‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ केंद्र सरकार की नशीले पदार्थों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के अनुरूप चलाया गया। इस अभियान में केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी तक सीमित रहने के बजाय, तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन और गिरोहों के सहयोगियों को निशाना बनाया गया।
तीनों राज्यों में एक साथ की गई इस बहु-एजेंसी कार्रवाई का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय नार्को-फाइनेंशियल सिंडिकेट यानी नशीले पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़े अवैध वित्तीय कारोबार में शामिल गिरोह थे।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का नशीले पदार्थों के खिलाफ कड़ा प्रहार जारी है। शाह के अनुसार, एजेंसियों ने 23 अक्टूबर को असम, मिजोरम और मणिपुर में 38 स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर एक अंतरराष्ट्रीय नार्को-कार्टेल को ध्वस्त किया।
गृह मंत्रालय के अनुसार, यह अभियान नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट (2026-2029) की रणनीति के अनुरूप है। इसका उद्देश्य नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों के साथ-साथ उनके वित्तीय तंत्र को भी निशाना बनाना है, ताकि अवैध कारोबार को संचालित करने वाली आर्थिक व्यवस्था को कमजोर किया जा सके।
सरकार की रणनीति के तहत अब नशीले पदार्थों की जब्ती के साथ-साथ तस्करी के नेटवर्क, हवाला लेनदेन और अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई को भी प्राथमिकता दी जा रही है।