कांग्रेस नेता राहुल गांधी व मल्लिकार्जुन खरगे (फोटो- सोशल मीडिया) 
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पुरी भगदड़ पर राहुल-खड़गे का हमलावर, बोले- लापरवाही या व्यवस्थाओं की विफलता

ओडिशा के पुरी रथ यात्रा में भगदड़ से 3 श्रद्धालुओं की मौत और 50 घायल होने की सूचना है। राहुल गांधी व खरगे ने हादसे को प्रशासन की विफलता बताते हुए दुख जताया और सरकार पर सवाल उठाए है।

सौरभ शर्मा

पुरी में रथ यात्रा के दौरान रविवार सुबह मची भगदड़ ने श्रद्धालुओं को झकझोर के रख दिया है। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई और 50 से अधिक घायल हुए हैं। घटना के बाद अब यह मामला राजनीतिक रंग भी ले चुका है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे प्रशासन की गंभीर लापरवाही बताया है। उन्होंने राज्य सरकार से इस घटना की जांच की मांग करते हुए पीड़ितों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है।

रथ यात्रा के दौरान श्री गुंडिचा मंदिर के पास यह भगदड़ उस समय मची जब हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए एकत्रित हुए थे। भीड़ के नियंत्रण में प्रशासन की विफलता सामने आने पर राजनीतिक नेताओं की प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि इस प्रकार की त्रासदी यह दिखाती है कि बड़े धार्मिक आयोजनों के लिए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की ठोस व्यवस्था होनी चाहिए।

राहत कार्य तेज करे सरकार

राहुल गांधी ने ओडिशा सरकार से घायलों के इलाज और राहत कार्यों को प्राथमिकता देने की अपील की है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मौके पर पीड़ितों की मदद करने का आह्वान किया। राहुल ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए लिखा, भगवान उनके परिजनों को इस दुख की घड़ी में साहस दे और घायल जल्द ठीक हों। कांग्रेस की ओर से यह भी कहा गया है कि पार्टी हर संभव सहयोग देने को तैयार है।

‘लापरवाही की कीमत श्रद्धालुओं ने चुकाई’: खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हादसे पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि यह पूरी तरह प्रशासन की विफलता है। उन्होंने कहा, यह रथ यात्रा में दूसरी बार ऐसा हादसा हुआ है। पहले ही दिन सैकड़ों श्रद्धालु घायल हुए और अब यह भगदड़। इससे साफ है कि सरकार ने कोई सबक नहीं लिया। खरगे ने राज्य सरकार से जांच कराने और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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पुरी के जिलाधिकारी के अनुसार, हादसे में घायल लोगों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से छह की हालत गंभीर बनी हुई है। फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और सुरक्षा व्यवस्था को फिर से मजबूत किया जा रहा है।

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