पूर्व CM ओ. पन्नीरसेल्वम DMK में शामिल, फोटो- सोशल मीडिया 
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तमिलनाडु में महा-उलटफेर: पूर्व CM ओ. पन्नीरसेल्वम DMK में शामिल, चुनाव से पहले AIADMK और BJP को लगा तगड़ा झटका

Tamil Nadu Politics 2026: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 से पहले पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम (OPS) ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की मौजूदगी में डीएमको का दामन थाम लिया है।

प्रतीक पाण्डेय

OPS joins DMK: तमिलनाडु की राजनीति में शुक्रवार को उस वक्त बड़ा भूचाल आ गया, जब अन्नाद्रमुक (AIADMK) के दिग्गज नेता और तीन बार के मुख्यमंत्री रहे ओ. पन्नीरसेल्वम आधिकारिक तौर पर सत्तारूढ़ डीएमके में शामिल हो गए। जयललिता के सबसे वफादार माने जाने वाले नेता का यह कदम आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है।

तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सत्ता के गलियारों में हलचल तेज हो गई है। अन्नाद्रमुक से 2022 में निष्कासित किए गए पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम ने शुक्रवार को चेन्नई में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की मौजूदगी में द्रमुक (DMK) की सदस्यता ग्रहण की।

जयललिता के 'संकटमोचक' रहे हैं ओपीके

पन्नीरसेल्वम, जो कभी जयललिता के सबसे भरोसेमंद 'संकटमोचक' माने जाते थे, पिछले तीन वर्षों से अपनी मूल पार्टी में वापसी के असफल प्रयास कर रहे थे। अंततः उन्होंने प्रतिद्वंद्वी खेमे के साथ जाने का निर्णय लिया, जिसे अन्नाद्रमुक के लिए एक बड़े संगठनात्मक नुकसान के रूप में देखा जा रहा है।

46 साल का नाता और अपमान की दास्तां

पन्नीरसेल्वम का डीएमके में शामिल होना केवल एक दल-बदल नहीं है, बल्कि अन्नाद्रमुक के भीतर चल रही भीषण आंतरिक कलह का परिणाम है। जयललिता के निधन के बाद पार्टी की कमान को लेकर एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) और पन्नीरसेल्वम के बीच तनाव चरम पर पहुँच गया था। 2022 में उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। पन्नीरसेल्वम ने द्रमुक में शामिल होने से पहले अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी के कल्याण के लिए 46 वर्षों से अधिक समय तक काम किया और कई अपमानों को धैर्यपूर्वक सहा। उन्होंने भावुक होते हुए यहाँ तक कह दिया था कि यदि उनकी कोई गलती साबित कर दे, तो वे राजनीति छोड़ देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के संस्थापक एमजी रामचंद्रन द्वारा बनाए गए नियमों को वर्तमान नेतृत्व ने अपने फायदे के लिए गलत तरीके से बदल दिया है।

'अम्मा' को श्रद्धांजलि और नई पार्टी न बनाने का संकेत

पन्नीरसेल्वम के इस कदम की अटकलें तब और तेज हो गई थीं जब उन्होंने जयललिता की 78वीं जयंती पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और स्पष्ट किया कि वे कोई नई पार्टी शुरू नहीं करेंगे। उन्होंने अन्नाद्रमुक नेतृत्व पर अप्रत्यक्ष हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें पार्टी का झंडा और पार्टी की धोती तक न पहनने का निर्देश दिया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि एक पूर्व समन्वयक और तीन बार के मुख्यमंत्री के साथ ऐसा व्यवहार किस आधार पर किया गया?

2026 के चुनावी रण में बदलेंगे समीकरण

तमिलनाडु की 234 सीटों वाली विधानसभा के चुनाव 2026 में होने वाले हैं और पन्नीरसेल्वम का यह कदम 'द्रविड़ियन मॉडल 2.0' के साथ मैदान में उतर रही डीएमके के लिए संजीवनी साबित हो सकता है। 2021 के चुनावों में डीएमके गठबंधन ने 159 सीटें जीतकर सत्ता हासिल की थी, जबकि अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाले एनडीए को 75 सीटें मिली थीं।

अब पन्नीरसेल्वम के साथ आने से विपक्षी खेमे, विशेषकर एआईएडीएमके और बीजेपी की रणनीतियों को गहरा झटका लगा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दक्षिण तमिलनाडु के कुछ क्षेत्रों में पन्नीरसेल्वम का अच्छा प्रभाव है, जिसका लाभ अब सीधे तौर पर डीएमके को मिल सकता है। अभिनेता विजय की नई पार्टी TVK के मैदान में आने से जहाँ मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार थे, वहीं OPS के पाला बदलने से अब चुनावी बिसात और भी उलझ गई है।

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