मानव तस्करी गिरोह के खिलाफ NIA की बड़ी कार्रवाई 
देश

मानव तस्करी के खिलाफ NIA की बड़ी कार्रवाई, गिरोह की जांच के लिए 22 जगहों पर की छापेमारी

बिहार के गोपालगंज में पुलिस द्वारा दर्ज किया गया यह मामला एक संगठित गिरोह से संबंधित है, जो नौकरी के बहाने भारतीय युवाओं को विदेश ले जाता है। इसके बाद उन्हें साइबर धोखाधड़ी में संलिप्त फर्जी कॉल सेंटर में काम करने के लिए मजबूर करता है।

मनोज आर्या

नई दिल्ली: राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने साइबर धोखाधड़ी में संलिप्त कई कॉल सेंटर में काम करने के लिए युवाओं को लुभाने वाले मानव तस्करी गिरोह की जांच के सिलसिले में गुरुवार को छह राज्यों में 22 स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। एनआईए ने एक बयान में कहा कि दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में भारतीय युवाओं की तस्करी में जुटे गिरोह से जुड़े मामले की जांच के तहत बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र और पंजाब में 17 संदिग्धों के परिसरों की तलाशी ली गई।

जांच एजेंसी के बयान के मुताबिक संदिग्धों की पहचान कंबोडिया स्थित भारतीय एजेंटों के उप-एजेंटों, सहयोगियों और रिश्तेदारों के रूप में की गई है, जो दक्षिण-पूर्वी एशियाई देश में भारतीय युवाओं की तस्करी में शामिल थे। एनआईए के बयान में कहा गया है कि ये संदिग्ध नौकरी चाहने वाले युवकों को विदेश भेजने तथा उनके वित्तीय लेनदेन और अन्य व्यवस्थाओं का प्रबंधन करने में संलिप्त थे।

नौकरी की झांसा देकर युवाओं के बनाते थे शिकार

बिहार के गोपालगंज में पुलिस द्वारा दर्ज किया गया यह मामला एक संगठित गिरोह से संबंधित है, जो नौकरी के बहाने भारतीय युवाओं को विदेश ले जाता है और उन्हें साइबर धोखाधड़ी में संलिप्त फर्जी कॉल सेंटर में काम करने के लिए मजबूर करता है। एनआईए ने बयान में कहा कि तलाशी के दौरान मोबाइल फोन, हार्ड ड्राइव, मेमोरी कार्ड, लैपटॉप और आपत्तिजनक दस्तावेजों के साथ-साथ संपत्ति और वित्तीय दस्तावेजों सहित कई डिजिटल उपकरण जब्त किए गए।

छापेमारी में 34.80 लाख रुपये जब्त

जांच एजेंसी की ओर से दी गया जानकारी में बताया गया है कि तलाशी में 34.80 लाख रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं। एनआईए की अब तक की जांच से पता चला है कि युवाओं को आकर्षक वैध नौकरियों के बहाने फुसलाया जाता था और फिर उन्हें साइबर गुलामी में धकेला जाता था। उन्होंने कहा कि तस्करी किए गए युवाओं को घोटालेबाज कंपनियों में ट्रांसफर किया जा रहा था और वहां उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए गए थे। पीड़ितों द्वारा एनआईए को दिए गए बयानों से पता चला है कि साइबर धोखाधड़ी करने से इनकार करने पर घोटालेबाज कंपनियों के प्रबंधकों द्वारा उन्हें बिजली के झटके देने सहित मानसिक और शारीरिक यातना दी जाती थी।

ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को दी चुनौती, फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची, नाम और सिंबल पर विवाद तेज

भस्मासुर है कांग्रेस…राहुल को पढ़ना चाहिए अपनी पार्टी का इतिहास, सहयोगियों को खत्म करना आदत: किरेन रिजिजू

तमिलनाडु में जन्म लेने वाले बच्चों को मिलेगा सोने का छल्ला, CM विजय ने किया ऐलान, वितरण के लिए बनेंगे 107 हब

DUSU Election 2026 LIVE: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के लिए मतदान समाप्त

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बन सकते हैं राहुल गांधी...शहजाद पूनावाला का तंज, बोले- 2029 में फिर PM बनेंगे मोदी