PM Narendra Modi National Space Day 2026: भारत में 23 अगस्त को नेशनल स्पेस डे के तौर पर मनाया जाता है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने आह्वान किया कि बड़े सपने देखें, अधिक नई चीजें बनाएं और नई सीमाओं को पार करें। पीएम मोदी ने कहा कि हाथ में तिरंगा है, अंतरिक्ष है, 140 करोड़ देशवासियों का सपना है, वही हम सबका संकल्प है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की शुभकामनाएं। आइए, और भी बड़े सपने देखें, अधिक नई चीजें बनाएं और नई सीमाओं को पार करें।" इस अवसर पर पीएम मोदी ने एक वीडियो भी जारी किया।
पीएम मोदी ने कहा, "मैंने अयोध्या में कहा था कि ये नए कालचक्र की शुरुआत है। यह एक नए कालचक्र का उद्गम है। इस नए काल क्षेत्र में ग्लोबल ऑर्डर में भारत अपना स्पेस लगातार बड़ा बना रहा है। यह हमारे स्पेस प्रोग्राम में भी साफ-साफ दिखाई दे रहा है। हम सबने मिलकर 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इस संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने में स्पेस सेक्टर की भूमिका बहुत बड़ी है।"
उन्होंने कहा, "आज ये जेन-जी इंजीनियर्स, जेन-जी डिजाइनर, जेन-जी कोडर और जेन-जी साइंटिस्ट नई-नई टेक्नोलॉजी बना रहे हैं। प्रोपल्शन सिस्टम हो, कंपोजिट मटेरियल हो, रॉकेट स्टेजेज हो, सैटेलाइट प्लेटफॉर्म्स हो, भारत का युवा आज उन क्षेत्रों में काम कर रहा है, जिनकी कुछ साल पहले कल्पना भी संभव नहीं थी।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "भारत का प्राइवेट स्पेस टैलेंट पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रहा है। आज ग्लोबल इंवेस्टर्स के लिए भारत का स्पेस सेक्टर एक आकर्षक जगह बन रहा है। इसरो की सफलता देखकर कितने ही बच्चों के मन में ये बात आती है कि बड़ा होकर मैं भी वैज्ञानिक बनूंगा।"
उन्होंने आगे कहा, "वो रॉकेट का काउंटडाउन लाखों बच्चों को प्रेरित करता है। हर घर में कागज के हवाई जहाज उड़ाने वाला जो एयरोनॉटिकल इंजीनियर है, वो बड़ा होकर आप जैसा इंजीनियर बनना चाहता है, साइंटिस्ट बनना चाहता है। हाथ में तिरंगा है, अंतरिक्ष है और 140 करोड़ देशवासियों का सपना है, वही हम सबका संकल्प है।"
भारत में हर साल 23 अगस्त को नेशनल स्पेस डे मनाया जाता है। यह दिन 2023 में चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास चंद्रयान-3 मिशन के विक्रम लैंडर की ऐतिहासिक सॉफ्ट लैंडिंग की याद दिलाता है। इस उपलब्धि के साथ, भारत चंद्रमा के इस हिस्से तक पहुंचने वाला दुनिया का पहला देश बन गया।
चंद्रयान-3 की सफलता भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुई और इसने दुनिया के सामने देश की वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमताओं की बढ़ती ताकत को प्रदर्शित किया।
(एजेंसी इनपुट के साथ)