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मोदी के एक फोन पर रुक जाएगी जंग...पूरे मिडिल ईस्ट में है भारतीय PM का सम्मान, अब किसने कर दिया इतना बड़ा दावा?

US,Israel-Iran War: संयुक्त अरब अमीरात के पूर्व राजदूत हुसैन हसन मिर्जा ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री मोदी ईरान और इजरायल के नेताओं से बात करते हैं, तो उनका एक फोन कॉल विवाद सुलझा सकता है।

अभिषेक सिंह

Middle-East Tension: मध्य पूर्व के युद्ध का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावित होने से भारत समेत कई देश ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंतित हैं। सभी क्षेत्रीय देश भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ऐसे में यूएई के पूर्व राजदूत हुसैन हसन मिर्जा ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री मोदी ईरान और इजरायल के नेताओं से बात करते हैं, तो उनका एक फोन कॉल विवाद सुलझा सकता है।

एक न्यूज चैनल से बातचीत में मिर्जा ने युद्ध के कारण यूएई की चिंताओं का जिक्र किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूएई बिल्कुल नहीं चाहता कि यह संघर्ष लंबा चले। वह अपने क्षेत्र का इस्तेमाल किसी भी हमले के लिए नहीं होने देगा। मिर्जा ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि यूएई इस लड़ाई में क्यों पड़े, क्योंकि उनके इसमें शामिल होने का कोई ठोस कारण नहीं है।

'पूरे क्षेत्र में है प्रधानमंत्री मोदी का सम्मान'

पूर्व राजदूत मिर्जा के अनुसार, यूएई इजरायल और ईरान दोनों का एक अच्छा साझेदार है। इसलिए वह इन दोनों देशों के बीच फिर से बेहतर संबंध स्थापित करवा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई के राष्ट्रपति के बीच हुई बातचीत का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का सम्मान सिर्फ खाड़ी के नेताओं में ही नहीं, बल्कि इस पूरे क्षेत्र की आम जनता के बीच भी है।

'एक फोन कर देगा समस्या का समाधान'

मिर्जा ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का ईरान और इजरायल के नेताओं को किया गया सिर्फ एक फोन कॉल ही इस गंभीर समस्या का समाधान कर सकता है। उनका यह पक्का विश्वास पीएम मोदी की उस मजबूत और सकारात्मक प्रतिष्ठा पर आधारित है, जो उन्होंने इस समय भीषण युद्ध लड़ रहे दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच अपने कूटनीतिक संबंधों से बनाई है।

पश्चिम एशिया में तमाम बयानबाजी के बावजूद फिलहाल शांति के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं। बढ़ते तनाव के बीच तुर्किए ने साइप्रस में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिया है। दूसरी ओर हिंद महासागर में जहाज डूबने के बाद ईरानी नौसैनिक भारत और श्रीलंका में शरण ले रहे हैं।

लंबा चलेगा US, इजरायल-ईरान युद्ध!

यूएई के पूर्व राजदूत का यह दावा अतिशयोक्तिपूर्ण लगता है, क्योंकि भारत लगातार दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील कर रहा है। इस युद्ध में अमेरिका और इजरायल के अपने सामरिक हित हैं, जबकि ईरान की सत्ता के लिए यह अपने अस्तित्व की लड़ाई है। ऐसे में अमेरिका द्वारा किए जा रहे लगातार हमलों और ईरान के आक्रामक पलटवार को देखते हुए युद्ध लंबा खिंचने के आसार हैं।

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