हिमाचल प्रदेश में बारिश और बादल फटने से तबाही (सोर्स- वीडियो) 
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हिमाचल में हाहाकार! मंडी में 5 जगह फटा बादल, व्यास नदी ने लिया रौद्र रूप- Videos

हिमाचल में बारिश का हाहाकार जारी है। भारी बारिश और बादल फटने की वजह से मंडी के अलग-अलग इलाकों में तबाही जारी है। गांव सयाठी में बादल फटने से कई घरों को नुकसान पहुंचा है।

अभिषेक सिंह

शिमला: हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश हो रही है। मंडी जिले का हाल बेहद बुरा है। पिछले 15 घंटों से लगातार बारिश हो रही है। बारिश के चलते जिले में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। चंडीगढ़ मनाली हाईवे भी बंद कर दिया गया है। यहां कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है। मंडी के करसोग इलाके में कई जगहों पर बादल फटे हैं, जिसके चलते 7 लोग अभी भी लापता हैं, जबकि एक शव बरामद किया गया है।

इसके अलावा शिमला में एक पांच मंजिला इमारत 5 सेकंड में ढह गई। यहां चल रहे फोरलेन सड़क के निर्माण के चलते इस इमारत में पहले ही गहरी दरारें आ गई थीं। प्रशासन ने इमारत को खाली करा लिया था, ताकि जान-माल का नुकसान न हो। कांगड़ा जिले में भी भारी बारिश के चलते स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं।

बादल फटने से मची तबाही

भारी बारिश और बादल फटने की वजह से मंडी के अलग-अलग इलाकों में तबाही जारी है। गांव सयाठी में बादल फटने से कई घरों को नुकसान पहुंचा है। पंडोह बांध से 1 लाख 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिसके कारण पंडोह बाजार में जलभराव के कारण बीती रात भगदड़ जैसी स्थिति हो गई। आज भी मंडी में बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। जिले में आज स्कूल-कॉलेज बंद हैं।

व्यास नदी ने लिया रौद्र रूप

मंडी में लगातार हो रही भीषण बारिश और बादल फटने की वजह से व्यास नदी ने ख़तरनाक रूप अख्तियार कर लिया है। नदी का जलस्तर काफी ज्यादा बढ़ गया है। आस-पास के इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

अब तक 23 लोगों की मौत

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार भारी बारिश के कारण बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन के कारण मंडी में 129 और सिरमौर जिले में 92 सहित राज्य में 259 सड़कें बंद हो गईं और 614 ट्रांसफार्मर और 130 जलापूर्ति योजनाएं बाधित हुईं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार 20 जून को मानसून के आगमन के बाद से राज्य में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 23 लोगों की मौत हो चुकी है।

कुल्लू में भी हाल-बेहाल

कुल्लू में बीती रात से हो रही झमाझम बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। ग्रामीण इलाकों में भूस्खलन और कई सड़कों पर जलभराव के कारण यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। आनी उपमंडल के लूहरी क्षेत्र के समीप करशा गांव में नाले में अचानक बाढ़ आने से एक वाहन के मलबे में दबने की खबर है।

भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर औट-लूहरी राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-305) पर देखने को मिल रहा है। यह प्रमुख मार्ग कई स्थानों पर मलबा और पानी से बाधित हो गया है, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के कारण जिले की अधिकतर नदियां और नाले उफान पर बह रहे हैं।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने मंगलवार को मंडी, कांगड़ा और कुल्लू समेत कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। जिला प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों से दूर रहने की अपील की है। साथ ही स्थानीय लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें अलर्ट पर हैं और लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं।

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