TMC Merger In Congress: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार और आंतरिक बगावत से जूझ रही तृणमूल कांग्रेस (TMC) का कांग्रेस में विलय हो सकता है। दोनों पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व के बीच इस संबंध में बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, सोनिया गांधी की ओर से मिले विलय के प्रस्ताव पर ममता बनर्जी राजी हो गई हैं, लेकिन उन्होंने अपने भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी के जरिए राहुल गांधी के सामने कुछ कड़ी शर्तें रखी हैं।
अभिषेक बनर्जी और राहुल गांधी के बीच 10 जनपथ पर करीब डेढ़ घंटे तक चली अहम बैठक में इन शर्तों पर विस्तार से चर्चा हुई। टीएमसी नेतृत्व की मांग है कि विलय के बाद ममता बनर्जी को राज्यसभा भेजा जाए और उन्हें संसद के उच्च सदन में नेता विपक्ष (LoP) का पद दिया जाए। हालांकि, इन शर्तों पर कांग्रेस आलाकमान के रुख का अभी पूरी तरह खुलासा नहीं हुआ है।
इससे पहले कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने खुद ममता बनर्जी को फोन कर विलय का औपचारिक ऑफर दिया था। इसके तहत ममता बनर्जी को कांग्रेस का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और अभिषेक बनर्जी को पार्टी महासचिव का पद देने की पेशकश की गई है। सोनिया गांधी ने टीएमसी पर बीजेपी के बढ़ते राजनीतिक हमलों और आंतरिक कलह का हवाला देते हुए ममता बनर्जी को आगाह किया था कि स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखने पर उन्हें आम आदमी पार्टी (AAP) जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। सोनिया गांधी के ऑफर के बाद ममता बनर्जी ने विचार के लिए कुछ दिनों का समय मांगा था। बीते दो दिनों में ममता और सोनिया गांधी के बीच हुई दो दौर की मुलाकातों के बाद अब राहुल-अभिषेक की इस बैठक ने विलय की अटकलों को बेहद मजबूत कर दिया है।
तृणमूल कांग्रेस के कांग्रेस में विलय की चर्चा को तब हवा मिली, जब पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीते दो दिनों 8 और 9 जून में दो बार कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से उनके आवास 10 जनपथ पर मुलाकात की थी। बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी देखने को मिली। ऐसा पहली बार हुआ जब ममता बनर्जी अरसों बाद 10 जनपथ का रुख किया था।
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इस मुलाकात के दौरान ममता बनर्जी और सोनिया गांधी ने एक दूसरे को गले लगाया था, जिसके तस्वीरे सोशल मीडिया के जरिए सामने आईं थी। पहले ममता और सोनिया की मुलाकात और आज राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी के बीच हुई बैठक ने साफ संकेत दे दिया है कि दोनो पार्टियों के बीच कुछ सियासी खिचड़ी पक रही है। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के मुताबिक, इन दोनों नेताओं के बीच करीब डेढ़ से दो घंटे तक बैठक चली। अगर सब कुछ सही रहा था फैसला जल्द ही सामना आ सकता है।