रामलिंगा रेड्डी ने दिया इस्तीफा (स्क्रीन ग्रैब) 
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डीके शिवकुमार को लगा बड़ा झटका! कर्नाटक के मंत्री रामालिंगा रेड्डी ने पद से दिया इस्तीफा, कही बड़ी बात

Ramalinga Reddy Resignation: कर्नाटक के मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कर्नाटक कैबिनेट में अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे से सियासी गलियारे में हड़कंप मच गया है।

प्रिया जैस

Karnataka Ramalinga Reddy: कर्नाटक की राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ है। डीके शिवकुमार को बड़ा झटका लगा है क्योंकि कर्नाटक के मंत्री रामालिंगा रेड्डी ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। कर्नाटक कैबिनेट में पोर्टफोलिया आवंटन के बाद से वे डीके शिवकुमार से नाराज चल रहे थे। डीके शिवकुमार के शपथ ग्रहण के बाद दो दिन में ही रामालिंगा ने अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है, जिससे सियासी गलियारों में हलचल मच गई है।

रामालिंगा रेड्डी ने इस्तीफा देने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे अभी भी पार्टी का हिस्सा है। उन्होंने कहा, मैं अभी भी कांग्रेस पार्टी में हूं। मैंने पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया है। मैं पिछले 53 सालों से कांग्रेस पार्टी में हूं। मैंने पार्टी में कई जिम्मेदारियां निभाई हैं।

मैंने कभी मंत्री पद नहीं मांगा - रामालिंगा

रामालिंगा ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि मैंने कभी किसी से मंत्री पद नहीं मांगा। उन्होंने कहा कि मैंने पूर्व मुख्यमंत्री एम. वीरप्पा मोइली और एस.एम. कृष्णा समेत कई मुख्यमंत्रियों की कैबिनेट में मंत्री के तौर पर काम किया है। लेकिन, मैंने कभी किसी से मंत्री पद नहीं मांगा।

रामालिंगा को दिया गया सिंचाई विभाग

बता दें, कि गुरुवार को मंत्रिमंडल के 13 सदस्यों के बीच विभागों का बंटवारा किया गया था। आठ बार विधायक रह चुके रामालिंगा ने पहले ही कह दिया था कि वे बेंगलुरु विकास मंत्रालय के अलावा कोई और पद को स्वीकार नहीं करेंगे। इसके बावजूद रामालिंगा रेड्डी को जल संसाधन (प्रमुख एवं मध्यम सिंचाई) विभाग सौंपा गया था। उन्हें उनके मन के मुताबिक विभाग न मिलने से वे डीके शिवकुमार से बेहद नाराज हुए। इसके चलते उन्होंने आज अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।

कर्नाटक के मंत्री पद से रामालिंगा रेड्डी के इस्तीफे पर मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा, "इस पर वरिष्ठ नेता चर्चा करेंगे और समाधान निकालेंगे। यह बस समय की बात है। रामलिंगा रेड्डी एक सीनियर और अनुभवी नेता हैं, और अगर कोई गलतफहमी भी है, तो सीनियर नेता बैठकर उसे सुलझा लेंगे।"

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