Jyotiraditya Scindia AI Job Opportunities: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। उनका कहना था कि हर नई तकनीक बदलाव के साथ नए अवसर भी लेकर आती है। उन्होंने विश्वास जताया कि जिस तरह भारत ने सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व किया, उसी तरह एआई के क्षेत्र में भी भारतीय युवा अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाएंगे। उन्होंने ये बयान नवभारत द्वारा राजधानी दिल्ली में आयोजित ‘विकसित भारत लीडरशिप कॉन्क्लेव 2026’ कार्यक्रम में बात करते हुए कही।
सिंधिया ने कहा कि भारत आज दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है। उन्होंने बताया कि देश की करीब 70 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है। उनके अनुसार भारत के पास लगभग एक अरब युवाओं की ताकत है, जो दुनिया के किसी भी बड़े देश की तुलना में कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि यही युवा आने वाले समय में वैश्विक बदलावों का नेतृत्व करेंगे और भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
ज्योतिरादित्य सिंधिया मंत्री ने कहा कि इतिहास गवाह है कि हर तकनीकी बदलाव के समय लोगों के मन में रोजगार को लेकर आशंकाएं पैदा होती हैं। उन्होंने साल 2000 (वाई-टू-के) का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी कंप्यूटर तकनीक को लेकर यही कहा गया था कि नौकरियां खत्म हो जाएंगी। लेकिन हुआ इसके विपरीत। आईटी क्षेत्र तेजी से बढ़ा और भारत की कंपनियां दुनिया में अग्रणी बनकर उभरीं। उन्होंने कहा कि एआई के साथ भी ऐसा ही होगा और यह तकनीक रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विभिन्न अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों के अनुसार वर्ष 2030 तक एआई और नई तकनीकों के कारण करोड़ों नए रोजगार सृजित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज बड़ी संख्या में भारतीय युवा कोडिंग और डिजिटल तकनीकों से जुड़े क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। ऐसे में भारत के पास एआई क्रांति का नेतृत्व करने की पूरी क्षमता है। उन्होंने युवाओं से नई तकनीक सीखने और खुद को भविष्य के लिए तैयार करने का आह्वान किया।
अपने संबोधन के दौरान सिंधिया ने अमेरिका के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान मिले अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि उनके प्रोफेसर और इंटेल के पूर्व प्रमुख एंडी ग्रोव ने अंतिम कक्षा में दो महत्वपूर्ण बातें लिखी थीं। पहली, "दुनिया में बदलाव ही एकमात्र स्थायी सत्य है।" दूसरी, "केवल वही लोग आगे बढ़ते हैं, जो हर समय सतर्क रहते हैं और बदलाव के लिए तैयार रहते हैं।" सिंधिया ने कहा कि इन दोनों सीखों को उन्होंने अपने जीवन में अपनाया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एआई, ग्रीन हाइड्रोजन और ड्रोन जैसी नई तकनीकें भविष्य की दिशा तय करेंगी। इसलिए युवाओं को बदलाव से डरने के बजाय उसे अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग नई परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालते हैं, वही आगे बढ़ते हैं। उन्होंने युवाओं से मेहनत, नवाचार और निरंतर सीखने की भावना बनाए रखने की अपील की।
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कार्यक्रम के रैपिड फायर सत्र में जब उनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक शब्द में वर्णन करने को कहा गया, तो सिंधिया ने उन्हें संकल्पित बताया। वहीं अपनी सबसे बड़ी कमजोरी के सवाल पर उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति में कुछ न कुछ कमियां होती हैं और उन्हें पहचानना जरूरी है। उनका कहना था कि जो व्यक्ति अपनी कमजोरियों को स्वीकार करता है, वही खुद में सुधार लाकर आगे बढ़ सकता है।
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