नई दिल्ली : लोकसभा में रात भार सांसदों के बीच नोकझोंक होती रही। बीती रात वक्फ संशोधन विधेयक पास होने के बाद मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को लेकर प्रस्ताव भी पारिस कर दिया गया। बृहस्पतिवार को कांग्रेस नेताओं ने इसे लेकर अब तीखी टिप्पणी करना शुरू कर दिया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से मणिपुर की उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में राष्ट्रपति शासन की पुष्टि के लिए लोकसभा में संकल्प लाया जाना जले पर नमक छिड़कने की तरह था।
बुधवार को देर रात तक लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर चर्चा होती रही। इस दौरान पक्ष और विपक्ष के नेता कई बार आमने सामने आए औऱ दोनों तरफ से शब्दों के तीर चले। मुस्लिम सांसद ओवैसी ने भी बिल का विरोध किया। इसके बाद रात में शाह ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को लेकर भी बिल पेश किया जिसे बाद में पारित कर दिया गया।
कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने भाजपा की मोदी सरकार मणिपुर के हालातों की उपेक्षा कर रही है। प्रदेश के अहम हिस्से मणिपुर के हालात पर चर्चा के लिए बेहद सीमित समय दिया गया। हालात पर चर्चा ठीक से की भी नहीं गई और राष्ट्रपति शासन का प्रस्ताव पारित कर दिया गया। हालात को लेकर सरकार के क्या कदम रहे इस पर तो कोई चर्चा ही नही की गई।
जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री मोदी के थाईलैंड दौरे का हवाला देते हुए ‘ एक्स ' पर पोस्ट किया, कि बार-बार हवाई सफर करने वाले फिर रवाना हो गए हैं। इस बार वह बैंकॉक में हैं। हर तरह से पूर्व की ओर देख रहे हैं, लेकिन मणिपुर की उपेक्षा क्यों की जा रही है। आज तड़के दो बजे लोकसभा में राज्य में राष्ट्रपति शासन की घोषणा क्यों की गई , जिसमें चर्चा के लिए सिर्फ एक घंटा समय था, लेकिन गृह मंत्री के झूठ और चीजों को तोड़ने-मरोड़ने के लिए यह पर्याप्त समय था ? यह जले पर नमक छिड़कने जैसा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बृहस्पतिवार को छठे ‘बिम्सटेक' शिखर सम्मेलन में भाग लेने के वास्ते थाईलैंड के लिए रवाना हुए, इसके बाद वह श्रीलंका जाएंगे।