जयराम रमेश ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
कांग्रेस नेता ने SIR को तत्काल रोकने की अपील की।
चुनाव आयोग और उसके आईटी सिस्टम में व्यापक बदलाव की जरूरत बताई।
Jairam Ramesh On CEC Resignation: कांग्रेस ने एक बार फिर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों को लंबे समय तक सर्च करने योग्य मतदाता सूची उपलब्ध नहीं कराए जाने से कथित ‘वोट चोरी’ को बढ़ावा मिला।
उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को तत्काल रोकने की अपील की। रमेश ने चुनाव आयोग के आईटी सिस्टम में व्यापक बदलाव की जरूरत भी बताई। उनके बयान के बाद मतदाता सूची, चुनावी पारदर्शिता और आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक बहस फिर तेज हो गई है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने करीब आठ साल तक राजनीतिक दलों को सर्च करने योग्य प्रारूप में मतदाता सूची उपलब्ध नहीं कराई।
रमेश के मुताबिक, कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी लंबे समय से इस सुविधा की मांग कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि 2018 में मध्य प्रदेश में कांग्रेस को कथित तौर पर लाखों फर्जी मतदाता मिले थे, जिसके बाद भी उनकी मांग पूरी नहीं हुई।
वहीं जयराम रमेश ने दावा किया कि 15 अक्टूबर को चुनाव आयोग ने आदेश जारी कर 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष सारांश पुनरीक्षण (SSR) के तहत राजनीतिक दलों को सर्च करने योग्य प्रारूप में मतदाता सूची उपलब्ध कराने की बात कही।
उन्होंने इसे चुनावी पारदर्शिता की दिशा में उठाया गया कदम बताया। कांग्रेस नेता का आरोप है कि राजनीतिक दलों को इस तरह की सूची उपलब्ध कराने में लंबे समय तक देरी की गई।
कांग्रेस नेता ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि CEC ज्ञानेश कुमार को अब कोई नहीं बचा सकता।
उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के निर्देशों पर काम करते हुए ECI पर जनता के भरोसे और विश्वास को पूरी तरह खत्म कर दिया है। उन्हें हर हाल में पद छोड़ना होगा। लेकिन सिर्फ इतना काफी नहीं होगा।
जयराम रमेश ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया के कारण 13 करोड़ से अधिक भारतीयों के संवैधानिक मताधिकार पर खतरा पैदा हो सकता है।
इसी आधार पर उन्होंने SIR को तत्काल निलंबित करने की मांग की। मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया और उसके प्रभाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद बने हुए हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि केवल मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने चुनाव आयोग और उसके आईटी सिस्टम में व्यापक बदलाव की जरूरत बताई।
रमेश के मुताबिक, मतदाता सूची तक राजनीतिक दलों की पहुंच और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है। इस मुद्दे पर चुनाव आयोग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।