नई दिल्ली. जहांगीरपुरी हिंसा (Jahangirpuri Violence) के बाद उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) (NDMC) के अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत जहांगीरपुरी में बुधवार को बुलडोजरों ने कई ढांचों को तोड़ दिया। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कुछ ही घंटों के भीतर इस अभियान को रोक दिया गया। इस बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने NDMC के इस अभियान की निंदा की। साथ ही सुप्रीम कोर्ट का आभार व्यक्त किया।
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "कानूनी रूप से नया बुलडोजर जुलूस निकाला गया है। मुसलमानों को सामूहिक सजा भुगतनी पड़ रही है। किसी गरीब के श्राप से डरो। आपने मस्जिद के सामने की दुकानें गिरा दीं, मंदिरों के सामने क्यों नहीं? यह एक लक्षित विध्वंस है। मैं इसकी निंदा करता हूं।"
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ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट का आभार व्यक्त करते हुए कहा, "मैं आभारी हूं कि सुप्रीम कोर्ट ने इस पर संज्ञान लिया और तत्काल रोक लगा दी, लेकिन वे फिर भी नहीं रुके। ये लोग जनता को बांग्लादेशी और रोहिंग्या कह रहे हैं? वे भारतीय हैं।"
AIMIM प्रमुख ने कहा, मैं यह पहले भी कह चुका हूं, अंसार, अहमद पर बुलडोजर चलेगा लेकिन अर्जुन, अजय पर नहीं। यही अंतर है। अंसार बीजेपी या आम आदमी पार्टी में होते हुए भी अंसार बने रहते हैं। यह विध्वंस चौकस न्याय है। चुनाव आते-जाते रहते हैं, लेकिन उनका क्या जो रमजान के दौरान सड़कों पर उतरे?"
उन्होंने कहा, अगर वो (दुकान और मकान) अनाधिकृत थे तो 7 साल से बीजेपी की सरकार क्यों सो रही थी? आपने (सरकार) एक समुदाय को निशाना बनाकर उनकी दुकान और घर को नुकसान पहुंचाया है। कौन अपराधी है यह कोर्ट फैसला करेगा।