Nishikant Dubey New Statement On Rahul Gandhi : भारतीय राजनीति के गलियारों में फिर आरोप-प्रत्यारोप की आंधी तेज हो गई है। भाजपा के फायर ब्रांड सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। दुबे ने राहुल गांधी के आचरण पर सवाल उठाते हुए न केवल उन्हें टुकड़े-टुकड़े गैंग का सरगना बताया, बल्कि उनकी संसद सदस्यता रद्द करने तक की मांग कर डाली है।
निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कुछ दस्तावेज साझा करते हुए दावा किया कि राहुल गांधी के संबंध फोर्ड फाउंडेशन और विवादित अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस से हैं। उन्होंने सवाल उठाया, क्या सत्ता पाने के लिए राहुल गांधी देश के बंटवारे की साजिश रच रहे हैं? भाजपा सांसद का तर्क है कि राहुल की हालिया विदेश यात्राएं (वियतनाम, कंबोडिया, बहरीन और थाईलैंड) केवल देशद्रोहियों से मिलने के लिए होती हैं।
निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जानबूझकर देश की लोकतांत्रिक बुनियाद को कमजोर कर रहे हैं। उनके मुताबिक राहुल गांधी कभी निर्वाचन आयोग, कभी संविधान तो कभी उच्चतम न्यायालय और लोकसभा अध्यक्ष जैसी गरिमामयी संस्थाओं पर निराधार आरोप लगाते हैं। दुबे ने इसे अमर्यादित आचरण बताते हुए एक संसदीय समिति से इसकी जांच कराने की मांग की है।
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सदन की कार्यप्रणाली के नियम 352(5) और 353 के तहत निशिकांत दुबे ने इस मुद्दे पर विशेष चर्चा के लिए नोटिस दिया है। उनका स्पष्ट कहना है कि राहुल गांधी के खिलाफ एक विशिष्ट प्रस्ताव लाया जाना चाहिए ताकि वह भविष्य में कभी चुनाव न लड़ सकें। वैसे, जैसे ही दुबे ने अपनी बात रखनी शुरू की, कांग्रेस सांसदों ने इसका कड़ा विरोध किया। सदन में शोर-गुल और हंगामे के चलते पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी को कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ी। यह टकराव केवल शब्दों की जंग नहीं, बल्कि आने वाले समय में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ते ध्रुवीकरण का संकेत है। अब देखना यह है कि क्या लोकसभा स्पीकर इस विशिष्ट प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति देते हैं या नहीं।