India Condemn Hormuz Attack: अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच हॉर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों पर हमले की मंगलवार को भारत ने कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय जलमार्गों पर सुरक्षित और स्वतंत्र आवाजाही में बाधा डालने पर चिंता व्यक्त की है। इसके पहले विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में ईरान दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन को तलब करके इन हमलों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया था।
मंत्रालय ने कहा कि हम पश्चिम-एशियाई क्षेत्र में हमलों के फिर से शुरू होने और तनाव बढ़ने पर अपनी गहरी चिंता भी दोहराते हैं और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता के हित में हिंसा को तुरंत रोकने तथा बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपील करते हैं।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम नाविकों को निशाना बनाने वाले और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर स्वतंत्र और सुरक्षित आवाजाही में बाधा डालने वाले इन हमलों और हिंसा की कड़ी निंदा करते हैं। विशेष रूप से, क्षेत्र में कमर्शियल शिपिंग और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना बंद होना चाहिए ताकि अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार, इस क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से स्वतंत्र और निर्बाध आवाजाही और व्यापार को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके।
बता दें, आज होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरते समय दो जहाजों- MT अल-बाहिया और MT मोम्बासा पर हमला हुआ। इस पर भारत ने गहरी चिंता व्यक्त की है। इन दोनों जहाजों के कुल 46 क्रू सदस्यों में 30 भारतीय नाविक शामिल थे। MT अल-बाहिया पर सवार 12 भारतीयों में से एक की दुखद मौत हो गई है और एक अन्य घायल हो गया है।
ये भी पढे़ं- चंपत राय पर FIR की मांग तेज, पुलिस के जवाब से बार एसोसिएशन नाराज; कोर्ट जाने की तैयारी में वकील
विदेश मंत्रालय ने बताया कि MT मोम्बासा पर सवार 18 भारतीयों में से 9 घायल हुए हैं, जिनमें से 2 के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है। हम मृतक भारतीय नागरिक के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं। UAE में हमारा मिशन और पोस्ट स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और प्रभावित भारतीय नाविकों को हर संभव मदद सुनिश्चित करने के लिए UAE अधिकारियों के संपर्क में हैं।