Agni 5 MIRV Missile Explainer In Hindi: भारत ने रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए अग्नि-5 मिसाइल के एडवांस वर्जन का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। ओडिशा के अब्दुल कलाम द्वीप से किए गए इस परीक्षण ने एशिया और हिंद महासागर में भारत का सैन्य दबदबा बढ़ा दिया है। इस बड़ी कामयाबी के साथ ही भारत अब अमेरिका, रूस और चीन जैसे दुनिया के उन चुनिंदा शक्तिशाली देशों में शामिल हो गया है जिनके पास यह बेहद आधुनिक मिसाइल तकनीक मौजूद है।
MIRV का अर्थ है 'मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेड री-एंट्री व्हीकल'। जहां सामान्य मिसाइलें एक बार में सिर्फ एक ही लक्ष्य पर वार करती हैं, वहीं MIRV तकनीक से लैस अग्नि-5 एक साथ कई परमाणु वॉरहेड ले जा सकती है। ये वॉरहेड मिसाइल से अलग होने के बाद सैकड़ों किलोमीटर दूर स्थित अलग-अलग लक्ष्यों को एक साथ और सटीकता से नष्ट करने में सक्षम हैं। अभी यह मिसाइल 4 से 5 हथियार ले जा सकती है लेकिन आने वाले समय में इसकी क्षमता बढ़ाकर 10 से 12 हथियारों तक की जा सकती है।
अग्नि-5 के नए संस्करण की सबसे बड़ी खूबी इसकी 'सेकंड स्ट्राइक' क्षमता और उड़ान के दौरान 90 डिग्री तक मुड़ने की अद्भुत शक्ति है। मिसाइल द्वारा अचानक दिशा बदलने की यह काबिलियत दुश्मन के रडार और डिफेंस सिस्टम को चकमा दे देती है, जिससे इसे बीच में रोकना नामुमकिन हो जाता है। साथ ही, DRDO ने स्वदेशी तकनीक और हल्के मटेरियल का इस्तेमाल कर इसका वजन भी 20% कम कर दिया है, जिससे यह पहले से कहीं अधिक घातक और सटीक हो गई है।
अग्नि-5 की मारक क्षमता 5000 से 8000 किलोमीटर तक है। जो चीन के सबसे उत्तरी हिस्सों तक आसानी से पहुंच सकती है। यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब चीन अपनी मिसाइल क्षमता का तेजी से विस्तार कर रहा है। भारत की 'नो फर्स्ट यूज' नीति के तहत, यह तकनीक एक मजबूत जवाबी हमले का काम करेगी।
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DRDO अब अग्नि-6 पर काम कर रहा है। जिसकी मारक क्षमता 12,000 किलोमीटर तक होने की उम्मीद है। मिसाइलों के अलावा, भारत हाइपरसोनिक हथियारों, अंतरिक्ष में सैटेलाइट को मार गिराने वाले सिस्टम और निगरानी तकनीकों पर भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। ये आधुनिक परीक्षण साबित करते हैं कि भारत अब सिर्फ अपने पड़ोस तक सीमित शक्ति नहीं बल्कि रक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी वैश्विक महाशक्ति बनने की ओर बढ़ रहा है।