Highlights:
आरोपी ने इंस्टाग्राम और फेसबुक पर 27 फर्जी अकाउंट बनाकर करीब 1,000 लोगों को जाल में फंसाया।
सेक्स चैट के बहाने 82 लोगों की नग्न तस्वीरें और वीडियो हासिल किए।
Honey Trapped: सोशल मीडिया पर आने वाली एक अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट कैसे किसी की जिंदगी की परेशानी बन सकती है, इसका चौंकाने वाला मामला तेलंगाना के हैदराबाद से सामने आया है। यहां 23 साल के एक युवक पर लड़की बनकर करीब 1,000 लोगों को हनी ट्रैप में फंसाने और उनकी अश्लील तस्वीरों व वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने डॉक्टरों, पुलिसकर्मियों, सरकारी अधिकारियों, कारोबारियों और सॉफ्टवेयर इंजीनियरों समेत अलग-अलग पेशे के लोगों से करीब 25.16 लाख रुपये की ठगी की है।
हैरानी की बात यह है कि आरोपी पहले सोशल मीडिया पर लड़की बनकर लोगों से दोस्ती करता था। धीरे-धीरे बातचीत को सेक्स चैट तक पहुंचाता और फिर उनकी निजी तस्वीरें व वीडियो हासिल कर लेता था। इसके बाद वही व्यक्ति लड़की का भाई बनकर सामने आता और पीड़ितों को बदनाम करने या पुलिस में शिकायत करने की धमकी देकर पैसे मांगता था।
हैदराबाद पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान तेलंगाना के भद्राद्रि कोठागुडेम जिले के रहने वाले कोंडाबत्तुला पवन कुमार के रूप में हुई है। वह इंस्टाग्राम और फेसबुक पर लड़कियों की तस्वीरों का इस्तेमाल करके फर्जी अकाउंट बनाता था। इन अकाउंट के जरिए वह अनजान लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजता था।
रिक्वेस्ट स्वीकार होने के बाद वह लड़की बनकर बातचीत शुरू करता था। कुछ समय बाद चैटिंग को अश्लील बातचीत में बदल देता और सामने वाले व्यक्ति से नग्न तस्वीरें तथा वीडियो मंगवाता था। पुलिस के अनुसार, शक से बचने के लिए वह कुछ मॉडल्स की सेमी न्यूड तस्वीरें भी भेजता था।
निजी तस्वीरें और वीडियो हासिल करने के बाद पवन खुद को उसी लड़की का भाई बताकर पीड़ितों को फोन और व्हाट्सऐप पर धमकाता था। वह कहता था कि उसकी बहन ने आत्महत्या कर ली है या वह पुलिस में शिकायत दर्ज करा देगा। इस तरह बदनामी के डर से लोग उसे पैसे देने लगते थे।
चारमीनार के डीसीपी किरण खरे के मुताबिक, पवन करीब चार साल से इस तरह की ठगी कर रहा था। उसने कोलकाता की एक मॉडल समेत कई लड़कियों की तस्वीरों का इस्तेमाल किया। पुलिस को आरोपी के पास से 82 लोगों की नग्न तस्वीरें और वीडियो मिले हैं।
इस मामले में पीड़ितों की उम्र 22 से 70 साल के बीच बताई गई है। इनमें डॉक्टर, पुलिसकर्मी, लेक्चरर, सरकारी अधिकारी, कारोबारी और सॉफ्टवेयर इंजीनियर शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, तमिलनाडु और पंजाब के लोगों के अलावा सऊदी अरब, तुर्की, पाकिस्तान और कनाडा में रहने वाले लोगों को भी निशाना बनाया।
जांच में पता चला कि उसने इंस्टाग्राम पर 13 फर्जी आईडी और फेसबुक पर 14 फर्जी पेज बनाए थे। पुलिस ने उसके पास से तीन मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और 16 जीबी की पेन ड्राइव बरामद की है।
इस पूरे मामले का खुलासा आरोपी के एक पुराने दोस्त की शिकायत के बाद हुआ। शिकायतकर्ता रमेश (बदला हुआ नाम) की पहचान पवन से सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ टूल डिजाइन में डिप्लोमा की पढ़ाई के दौरान हुई थी।
रमेश के मुताबिक, सितंबर 2021 में उन्हें इंस्टाग्राम पर 'मून बेबी 5973' नाम के अकाउंट से फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली। उन्हें इस अकाउंट पर शक हुआ और उन्होंने पवन से सवाल किया। आरोप है कि पवन ने स्वीकार कर लिया कि फर्जी अकाउंट उसी ने बनाया था।
रमेश ने बताया कि बाद में पवन ने उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। उसने वीडियो बनाने का दावा करके धमकाया और शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला। शिकायत के मुताबिक, पवन ने उनसे डेढ़ लाख रुपये ऑनलाइन और ढाई लाख रुपये सीधे वसूले। यानी कुल चार लाख रुपये की ठगी की।
इस मामले में सैदाबाद पुलिस ने 17 अक्टूबर को केस दर्ज कर जांच शुरू की। इसी दौरान पुलिस को पवन के बड़े हनी ट्रैप नेटवर्क का पता चला।
डीसीपी किरण खरे ने लोगों को अनजान सोशल मीडिया अकाउंट से आने वाली फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पहले उसकी जांच करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि निजी तस्वीरें और वीडियो किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने चाहिए। अगर कोई ब्लैकमेल करता है तो डरकर पैसे देने के बजाय तुरंत पुलिस से शिकायत करनी चाहिए।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस मामले में उससे संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन वह मीडिया से बातचीत के लिए तैयार नहीं हुआ।